यादव सिंह के बाद उसके सीए से भी पूछताछ
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सीबीआई जल्द ही नोएडा अथॉरिटी के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंटों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, यादव सिंह की करोड़ों की संपत्ति के बारे में आयकर विभाग और सीबीआई जानकारी जुटा चुकी हैं, पर अब उस रकम के प्रमाण जुटाए जा रहे हैं, जिसे विदेश में निवेश करने का अंदेशा है।
आयकर विभाग के साथ ही सीबीआई को भी इसके प्रमाण मिल चुके हैं कि यादव सिंह ने अपने व परिवार के लोगों के नाम से जो निजी कंपनियां बनाईं, उनसे कोलकाता की 35 कंपनियों के कारोबारी रिश्ते हैं।
जांच एजेंसियों के सामने यह तथ्य भी आ चुका है कि कोलकाता की जिन कंपनियों से यादव सिंह की कंपनियों के रिश्ते हैं, उनका विदेश में कारोबार है।
मनी लॉड्रिंग की धाराओं में दर्ज हुए केस
इसी वजह से प्रवर्तन निदेशालय भी यादव सिंह के खिलाफ पूर्व में दो मामले दर्ज कर चुका है। दोनों ही मामले मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज हुए हैं।
ईडी के सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसी यादव सिंह की सभी चल व अचल संपत्ति के बारे में जानकारी जुटा रही है।
यादव सिंह ने सिर्फ आगरा व नोएडा में ही अचल संपत्ति नहीं बनाई, बल्कि अन्य शहरों में उसके फ्लैट, बंगले व प्लाट होने की सूचना है।
सीबीआई ने इसके लिए यादव सिंह के कई करीबियों की गतिविधियों पर नजर टिकाई है।