यादव सिंह से 'फायदा' लेने वालों से भी होगी पूछताछ
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यादव सिंह से गठजोड़ कर करोड़ों के भूखंड सस्ते में हासिल करने वालों को अब सीबीआई के सवालों का जवाब देना होगा। उन्हें बताना होगा कि जमीन हासिल करने के इस खेल में उन्होंने कितनी ऊपरी रकम दी और कितना मुनाफा कमाया।
सीबीआई यह कवायद इसलिए कर रही है, जिससे तय हो सके कि यादव सिंह ने अपने कार्यकाल में कुल कितनी काली कमाई की।
इस कवायद में सीबीआई ने पिछले दो दिनों नोएडा प्राधिकरण के आला अफसरों से आवंटित भूखंडों का ब्यौरा जुटाया।
इसके तहत सीबीआई ने प्राधिकरण प्रशासन से संबंधित प्लाटों के मूल दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। इनका अध्ययन सीबीआई की एसी-टू शाखा कर रही है।
फर्मों की जांच में जुटी सीबीआई
सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि कुछ दिनों में इन फाइलों से संबंधित आवंटियों को सूचीबद्ध कर उनसे पूछताछ का सिलसिला शुरू करने की तैयारी है।
इनसे पूछा जाना है कि जो भूखंड उन्हें आवंटित हुआ, उसके उपयोग को बदलने से उन्हें कितना लाभ हुआ। साथ ही इसके लिए उन्होंने कितनी रकम बतौर घूस यादव सिंह तक पहुंचाई।
सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि एसी-टू विंग की एक टीम यादव सिंह व उसके करीबियों के नाम से बनी फर्मों के लेखाजोखा की जांच में जुटी है।
सीबीआई यह पता करने की कोशिश में है कि इन फर्मों में यादव सिंह ने कितनी रकम का निवेश किया और कितनी विदेश की कंपनियों को स्थानांतरित की। यह जांच यादव सिंह द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग करने के अंदेशे पर की जा रही है।