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सीडीए के ऑडिटर के खिलाफ रिश्वतखोरी की शिकायत, सीबीआई ने दर्ज किया केस
Sun, 28 Feb 2021 11:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 28 Feb 2021 11:04 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : ani
सीबीआई ने मेरठ स्थित कंट्रोलर आफ डिफेंस एकाउंट (सीडीए) के एक ऑडिटर आशुतोष यादव के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर लखनऊ के एंटी क्रप्शन ब्रांच में दर्ज की गई है। आशुतोष यादव पर आरोप है कि जेम पोर्टल के जरिए सप्लाई किए गए कंप्यूटर के भुगतान के एवज में वह रिश्वत मांग रहे थे।
जानकारी के अनुसार लखनऊ के ठाकुरगंज के रहने वाले अब्दुल हलीम ने सीबीआई को शिकायत दर्ज कराई थी कि सेंट्रल इंडिया हॉर्स डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स, मिनिस्टरी ऑफ डिफेंस को सात कंप्यूटर की आपूर्ति उन्होंने जेम पोर्टल पर मिले आर्डर के सापेक्ष की थी। 17 दिसंबर 2020 को 2,06,136 रुपये के भुगतान के लिए बिल दिया गया। इस बिल को पास करने के लिए ऑडिटर आशुतोष यादव ने 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी।
आशुतोष ने पूर्व में एक अन्य ऑर्डर की सप्लाई में हुए 5 लाख रुपये के भुगतान पर भी 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी थी। रिश्वत के पैसे खाते में जमा करने के लिए आशुतोष ने कमल भट्ट नाम के एक व्यक्ति का खाता नंबर भी भेजा। हलीम ने आशुतोष से कहा कि जेम के आर्डर में इतनी बचत नहीं होती क्योंकि बिड आल इंडिया लेवल की होती है। आशुतोष ने कहा कि 10 हजार रुपये दे दें तो बिल का भुगतान 2 दिन में कर दिया जाएगा। आखिर में 7000 हजार रुपये की रिश्वत देने का सौदा तय हुआ। जिसके बाद हलीम ने व्हाट्स एप चैट की डिटेल के साथ सीबीआई की लखनऊ स्थित एंटी क्रप्शन ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है।
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जानकारी के अनुसार लखनऊ के ठाकुरगंज के रहने वाले अब्दुल हलीम ने सीबीआई को शिकायत दर्ज कराई थी कि सेंट्रल इंडिया हॉर्स डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स, मिनिस्टरी ऑफ डिफेंस को सात कंप्यूटर की आपूर्ति उन्होंने जेम पोर्टल पर मिले आर्डर के सापेक्ष की थी। 17 दिसंबर 2020 को 2,06,136 रुपये के भुगतान के लिए बिल दिया गया। इस बिल को पास करने के लिए ऑडिटर आशुतोष यादव ने 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी।
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आशुतोष ने पूर्व में एक अन्य ऑर्डर की सप्लाई में हुए 5 लाख रुपये के भुगतान पर भी 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी थी। रिश्वत के पैसे खाते में जमा करने के लिए आशुतोष ने कमल भट्ट नाम के एक व्यक्ति का खाता नंबर भी भेजा। हलीम ने आशुतोष से कहा कि जेम के आर्डर में इतनी बचत नहीं होती क्योंकि बिड आल इंडिया लेवल की होती है। आशुतोष ने कहा कि 10 हजार रुपये दे दें तो बिल का भुगतान 2 दिन में कर दिया जाएगा। आखिर में 7000 हजार रुपये की रिश्वत देने का सौदा तय हुआ। जिसके बाद हलीम ने व्हाट्स एप चैट की डिटेल के साथ सीबीआई की लखनऊ स्थित एंटी क्रप्शन ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है।
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