फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   cbi now take strict action on mnrega scam.

दस हजार करोड़ के घोटाले में किसको बचा रहे अफसर?

Thu, 13 Nov 2014 12:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 13 Nov 2014 12:07 PM IST
विज्ञापन
cbi now take strict action on mnrega scam.

सूबे में दस हजार करोड़ के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को सभी जिलों का रिकॉर्ड न मुहैया कराने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है।

विज्ञापन


हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को आदेश दिया कि घोटाले से संबंधित रिकॉर्ड तीन हफ्ते में सीबीआई को सौंप दें।

कोर्ट ने सीबीआई व राज्य सरकार को इस मामले में की गई कार्रवाई समेत स्टेटस रिपोर्ट 17 दिसंबर को पेश करने का आदेश दिया है। इस घोटाले में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों से लेकर जनप्रतिनिधियों, नौकरशाह व कर्मचारी कानून के शिकंजे में फंस सकते हैं।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति अशोक पाल सिंह की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश मनरेगा घोटाले की जांच संबंधी पीआईएल पर दिए। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई यह जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट के इस फैसले के पालन के लिए बुधवार को यह मामला कोर्ट में पेश हुआ था। सीबीआई के वकील बिरेश्वर नाथ ने कोर्ट को बताया कि संबंधित जिलाधिकारियों ने अपने जिलों के रिकॉर्ड सीबीआई को नहीं दिए हैं।

राज्य सरकार ने भी संबंधित सामग्री उपलब्ध नहीं कराई है। इस पर हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को सख्त ताकीद की कि वे तीन हफ्ते में पूरा रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपा जाना सुनिश्चित कराएं।

अदालत ने मुख्य स्थायी अधिवक्ता आईपी सिंह को निर्देश दिए कि इस आदेश के तत्काल पालन के लिए इसकी जानकारी वे इन दोनों अफसरों को दें।

सरकारी कर्मचारियों की बढ़ेगी मुश्किल

cbi now take strict action on mnrega scam.

सीबीआई मनरेगा के रकम से घोटाला कर अर्जित की गई सरकारी कर्मचारियों की संपत्तियों का पता लगाएगी। इसका आदेश देते हुए बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सीबीआई से कहा कि घोटाले में संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई भी करे।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद अपने पूर्व के फैसले और आज के आदेश की कॉपी को सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज नई दिल्ली के चेयरमैन को भेजने के भी निर्देश दिए, जो इस मामले पर गौर करेंगे।

दो चरणों में जांच करने की मिली इजाजत

हाईकोर्ट ने सीबीआई को मनरेगा घोटाले की जांच दो चरणों में करने की अनुमति दे दी। पहले चरण में उन मामलों की जांच होगी, जिसमें 40 लाख या उससे अधिक के रकम की कथित घपलेबाजी हुई है।

जबकि दूसरे चरण में 40 लाख से कम की धनराशि वाले मामले की जांच होगी। कोर्ट ने सीबीआई को पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में रखने और फैसले के तहत जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

सीबीआई ने सौंपी स्टेटस रिपोर्ट

cbi now take strict action on mnrega scam.

सीबीआई ने बुधवार को हाई कोर्ट को मनरेगा घोटला की जांच संबंधी स्टेट्स रिपोर्ट सौंप दी। इसमें बताया गया है कि घोटाले की शुरुआती जांच के लिए सीबीआई के 67 अधिकारी व कर्मचारी कर रहे हैं और इसके लिए और स्टाफ की आवश्यकता है।

कोर्ट ने इस रिपोर्ट को लखनऊ बेंच के सीनियर रजिस्ट्रार के पास सील बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इसे कोर्ट में सुनवाई के दौरान खोला जाएगा। सीबीआई के वकील ने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए कोर्ट से अनुरोध किया कि मनरेगा घोटाला की शुरुआती जांच के कुछ हिस्से राज्य सरकार की एजेंसियों को दिए जा सकते हैं।

इस पर कोर्ट ने कहा, घोटाला में राज्य सरकार के अफसर शामिल हैं लिहाजा राज्य एजेंसी को शामिल करने की गुजारिश खारिज की जाती है। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई को राज्य सरकार से दो हफ्ते में अतिरिक्त स्टाफ मांगने को अनुमति दे दी है। वहीं कोर्ट ने इसके बाद अगले दो हफ्ते में सीबीआई को अतिरिक्त स्टाफ मुहैया कराने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed