खनन मंत्री और अफसरों के बाद सीबीआई का अगला निशाना बन सकते हैं अखिलेश यादव
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अवैध खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई का अगला निशाना अखिलेश यादव हो सकते हैं। तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति और पांच आईएएस अधिकारियों पर शिकंजा कसने के बाद सबकी निगाहें सीबीआई के अगले कदम पर टिक गई हैं।
अवैध खनन मामले में बीते छह महीने में सीबीआई की कार्रवाई ने तेजी पकड़ ली है। पहले आईएएस बी चंद्रकला और फिर अभय, विवेक और तत्कालीन खनन मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अगला नंबर अपने कार्यकाल के दौरान शुरुआती करीब 15 महीने तक खनन विभाग का कार्यभार संभालने वाले अखिलेश यादव का हो सकता है।
गायत्री पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है जिन्होंने केवल हमीरपुर मामले में ही आठ फाइलों को अनुमोदित किया था जबकि अखिलेश यादव ने हमीरपुर से संबंधित खनन के 14 पट्टों की फाइलों को अनुमोदित किया था।
15 मार्च 2012 से लेकर 1 जुलाई 2013 तक अखिलेश के पास था खनन विभाग का चार्ज
अखिलेश यादव 15 मार्च 2012 से 19 मार्च 2017 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। खनन का चार्ज उनके पास 15 मार्च 2012 से लेकर 1 जुलाई 2013 तक था। इसी अवधि में अखिलेश ने हमीरपुर में रमेश मिश्रा और उनके परिजनों व परिचितों के नाम पर खनन पट्टों के आवेदन को अनुमोदित किया था। वहीं, सूत्रों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय गायत्री के अलावा अखिलेश यादव से भी पूछताछ कर सकता है।