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उन्नाव गैंगरेप मामला : पूर्व एसपी पुष्पांजलि से सीबीआई ने छह घंटे में पूछे ऐसे सवाल, मिला ये जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 27 May 2018 01:48 PM IST
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आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर।
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उन्नाव प्रकरण में पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सीबीआई ने उन्नाव की पूर्व एसपी पुष्पांजलि देवी से 6 घंटे पूछताछ की। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने उनसे सवाल किए। पूछताछ में पुष्पांजलि ने कहा कि उन्हें घटना की सच्चाई ही नहीं बताई गई थी।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम ने पूर्व एसपी से पूछा कि आपको घटना की जानकारी कब हुई? थाने पर जो कार्रवाई हुई वह आपके निर्देश पर हुई या फिर थाने के पुलिस कर्मियों ने अपनी मर्जी से की? विधायक से आपकी क्या बातचीत हुई थी? क्या विधायक या अन्य किसी का का दबाव था? पीड़िता के पिता के शरीर पर गहरे घाव थे, उसके बाद भी पूरा इलाज कराए बिना क्यों जेल में दाखिल कर दिया गया? इन सवालों के जवाब में पुष्पांजलि ने कहा कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं थी।
जितनी बात थाने स्तर पर बताई गई, उसी पर यकीन करते हुए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने के बाद थानाध्यक्ष ने उन्हें जानकारी दी। पीड़िता के पिता के पास से कथित तौर पर बरामद तमंचे के बारे में पुष्पांजलि ने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी कि उसे फंसाया जा रहा है।
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सीबीआई ने पूछा कि पीड़िता के पिता की ओर से जो एफआईआर दर्ज की गई, उसमें विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर का नाम क्यों निकाला गया? पुष्पांजलि ने कहा कि थाने पर पहले पीड़िता के पिता के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। बाद में जब पीड़ित की तहरीर आई तो उसमें विधायक के भाई का नाम नहीं था।
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सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम ने पूर्व एसपी से पूछा कि आपको घटना की जानकारी कब हुई? थाने पर जो कार्रवाई हुई वह आपके निर्देश पर हुई या फिर थाने के पुलिस कर्मियों ने अपनी मर्जी से की? विधायक से आपकी क्या बातचीत हुई थी? क्या विधायक या अन्य किसी का का दबाव था? पीड़िता के पिता के शरीर पर गहरे घाव थे, उसके बाद भी पूरा इलाज कराए बिना क्यों जेल में दाखिल कर दिया गया? इन सवालों के जवाब में पुष्पांजलि ने कहा कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं थी।
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जितनी बात थाने स्तर पर बताई गई, उसी पर यकीन करते हुए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने के बाद थानाध्यक्ष ने उन्हें जानकारी दी। पीड़िता के पिता के पास से कथित तौर पर बरामद तमंचे के बारे में पुष्पांजलि ने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी कि उसे फंसाया जा रहा है।
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सीबीआई ने पूछा कि पीड़िता के पिता की ओर से जो एफआईआर दर्ज की गई, उसमें विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर का नाम क्यों निकाला गया? पुष्पांजलि ने कहा कि थाने पर पहले पीड़िता के पिता के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। बाद में जब पीड़ित की तहरीर आई तो उसमें विधायक के भाई का नाम नहीं था।
पूर्व एसपी नेहा से भी होगी पूछताछ
विधायक का भाई अतुल सेंगर।
- फोटो : amar ujala
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि अब जल्द ही उन्नाव की एक अन्य पूर्व एसपी नेहा पांडेय को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। नेहा से बलात्कार के मामले में दर्ज मुकदमों के संबंध में पूछताछ होनी है। नेहा प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में आईबी में तैनात हैं। नेहा, पुष्पांजलि से पहले उन्नाव की एसपी थीं। इसी दौरान पीड़िता ने विधायक पर रेप का आरोप लगाया था।
विधायक के कई और सहयोगियों के नाम आए सामने
जांच में सीबीआई को आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के कई और करीबियों के नामों का पता चला है। सीबीआई ने इनकी भी पड़ताल शुरू कर दी है। 30 मई को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा तय होने से सीबीआई इस मामले में दर्ज चारों मुकदमों में ज्यादा से ज्यादा तथ्य जुटा रही है। सीबीआई ने किशोरी के चाचा से भी जून 2017 से अब तक के घटनाक्रमों की लिखित जानकारी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक विधायक माखी थाने के पूर्व एसओ और दरोगा को कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद विधायक के करीबी ब्लॉक प्रमुख सहित चार लोगों से पूछताछ कर चुकी सीबीआई को जांच में विधायक के कुछ और करीबियों के नामों का पता चला है। सूत्रों का कहना है कि ये जांच में सीबीआई के लिए अहम साबित होंगे। सीबीआई ने इन लोगों से कह दिया है कि उन्हें पूछताछ के लिए कभी भी लखनऊ बुलाया जा सकता है। (इनपुट : उन्नाव ब्यूरो)
विधायक के कई और सहयोगियों के नाम आए सामने
जांच में सीबीआई को आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के कई और करीबियों के नामों का पता चला है। सीबीआई ने इनकी भी पड़ताल शुरू कर दी है। 30 मई को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा तय होने से सीबीआई इस मामले में दर्ज चारों मुकदमों में ज्यादा से ज्यादा तथ्य जुटा रही है। सीबीआई ने किशोरी के चाचा से भी जून 2017 से अब तक के घटनाक्रमों की लिखित जानकारी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक विधायक माखी थाने के पूर्व एसओ और दरोगा को कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद विधायक के करीबी ब्लॉक प्रमुख सहित चार लोगों से पूछताछ कर चुकी सीबीआई को जांच में विधायक के कुछ और करीबियों के नामों का पता चला है। सूत्रों का कहना है कि ये जांच में सीबीआई के लिए अहम साबित होंगे। सीबीआई ने इन लोगों से कह दिया है कि उन्हें पूछताछ के लिए कभी भी लखनऊ बुलाया जा सकता है। (इनपुट : उन्नाव ब्यूरो)