NRHM: सीएमओ समेत छह पर हत्या का केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई ने 2012 में लखीमपुर खीरी के पसगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात वरिष्ठ लिपिक महेंद्र शर्मा की हत्या के मामले में केस दर्ज कर लिया है।
इसमें खीरी के तत्कालीन सीएमओ डॉ. जेपी भार्गव, डिप्टी सीएमओ डॉ. बलबीर समेत छह लोगों को नामजद किया गया है। इसके साथ ही सीबीआई ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पसगवां पुलिस ने जांच के दौरान जो दस्तावेज जब्त किए थे, जांच एजेंसी ने उसे भी अपने कब्जे में ले लिया। लाश बरामद होने के बाद खींची गई फोटोग्राफ को भी कब्जे में ले लिया है। महेंद्र की पत्नी की शिकायत पर अदालत ने जांच एजेंसी को केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
ये हुए नामजद
तत्कालीन सीएमओ डॉ. जेपी भार्गव, खीरी
डिप्टी सीएमओ डॉ. बलबीर
लिपिक राजेश हंस
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. एससी गुप्ता
यूनियन पदाधिकारी मुन्नालाल व कुलदीप मिश्र
सच को छुपाने के लिए इस तरह की गई हत्या
इन सवालों के जवाब ढूंढ रही है सीबीआई
- एनआरएचएम योजना में महेंद्र किन भुगतान में शामिल था?
- उसके पास कौन से दस्तावेज थे?
- किन हालात में लापता हुआ और उसकी लाश कैसे बरामद हुई?
एनआरएचएम घोटाले के खास सुबूत थे महेंद्र के पास
जानकारों के मुताबिक एनआरएचएम घोटाले में गड़बड़ी कर भुगतान किए जाने संबंधी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज महेंद्र के पास थे। सीबीआई को इनकी तलाश थी।
अगर दस्तावेज उसके हाथ लग जाते तो कई बड़ों की गर्दन फंस जाती। इसी वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का ताला तोड़ कर दस्तावेजों को गायब करने के बाद महेंद्र की हत्या कर दी गई थी।