यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई का ड्राफ्ट तैयार
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नोएडा अथॉरिटी के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच के लिए अदालत के आदेश के साथ ही सीबीआई हरकत में आ गई है। सीबीआई के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुख्यालय में शुक्रवार को इसके लिए एफआईआर का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया, जिसे निदेशक अभियोजन की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार से पहले इस मामले में मुकदमा दर्ज कर सीबीआई एक्शन में आ जाएगी।
यादव सिंह के खिलाफ अदालत का फैसला सीबीआई ने इंटरनेट से गुरुवार को ही डाउनलोड कर लिया था। इसके साथ ही सीबीआई दिल्ली मुख्यालय के एंटी करप्शन विंग को सौंप दी गई थी। इस विंग में शुक्रवार को एक टीम का गठन भी किए दिए जाने की जानकारी मिली है। इसी टीम ने शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर एफआईआर का ड्राफ्ट तैयार किया, जिस पर मुकदमा दर्ज किया जाना है।
सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि इस ड्राफ्ट रिपोर्ट को एंटी करप्शन विंग ने निदेशक अभियोजन को भेज दिया है। निदेशक की मंजूरी मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई मंगलवार या बुधवार तक मुकदमा दर्ज कर लेगी और दस्तावेज और साक्ष्य जुटाने के लिए छापामारी कर सकती है। इसके लिए यादव सिंह के सभी ठिकानों की सूची भी तैयार करनी शुरू कर दी गई है। इसमें नोएडा अथॉरिटी स्थित यादव सिंह का कार्यालय, उनका आवास, उनके जुड़ी कंपनियों के कार्यालय व नजदीकी रिश्तेदारों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
यादव सिंह व करीबियों को सीबीआई ने लिया राडार पर
सीबीआई ने यादव सिंह व उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही कई अन्य करीबियों को अपने राडार पर ले लिया है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई की स्थानीय यूनिट की मदद से यादव सिंह प्रकरण में अभी तक हुई कार्रवाई व जानकारी हासिल की है। इसके बाद अथॉरिटी के अधिकारियों से भी जानकारी हासिल की जानी है।
सूत्रों का कहना है कि पड़ताल की शुरुआत होते ही सीबीआई नोएडा अथॉरिटी व अन्य संबंधित विभागों से प्लॉटों के आवंटन से जुड़ी सारी जानकारी मांगेगी।
सीबीआई अथॉरिटी के अधिकारियों से पूछेगी कि बसपा शासनकाल से सपा शासन काल तक यादव सिंह व उनके कितने नजदीकियों को प्लॉटों का आवंटन किया गया है। कितने प्लॉट किसे दिए गए हैं। इसके साथ ही यह जानकारी भी मांगेगी कि यादव सिंह ने कितने औद्योगिक घरानों के लिए भू-उपयोग कर प्लॉटों के आवंटन की कवायद की।
सीबीआई इस मामले में अभी तक जांच कर चुकी सभी जांच एजेंसियों की पड़ताल की रिपोर्ट भी हासिल करेगी। नोएडा पुलिस की जांच, सीबीसीआईडी की जांच और आयकर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की रिपोर्ट को आरोपों का आधार बनाया जाना है।