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हत्या आरोपी अतीक अहमद सुबूतों के अभाव में बरी

Mon, 11 Jan 2016 09:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 11 Jan 2016 09:43 PM IST
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CBI court freed Ateek Ahmad in a connection with murder case.

इलाहाबाद कचहरी में पेशी पर आए बंदी अख्तर हुसैन की पुलिस की अभिरक्षा में हत्या के 21 साल पुराने मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सुबुत के अभाव में बाहुबली अतीक अहमद और एक अन्य आरोपी खलीकुज्जमा को बरी कर दिया। वहीं छह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपी नफीस अहमद व यूसुफ उर्फ मुन्ना की मृत्यु हो चुकी है।

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विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) एकेसिंह ने अपने 60 पृष्ठ के फैसले में कहा कि यह सच है कि अभियोजन पक्ष पूर्व सांसद अतीक अहमद व खलीकुज्जमा के खिलाफ लगे आरोपों के पक्ष में विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर पाया।
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हालांकि मो. यासिर, मुस्तफा हसन, मुज्जतबा हसन, मकसूद हसन, मो. फारूख व सगीर अहमद के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य पेश किए।

सबूतों से मिली जानकारी इन्होंने रची हत्या की साजिश

CBI court freed Ateek Ahmad in a connection with murder case.

अभियोजन की ओर से पेशसुबूतों से साबित होता है कि घटना के पहले मो. यासिर, मुज्जतबा, व मुस्तफा से बंदी अख्तर की रंजिश थी। लिहाजा मकसूद, सगीर व फारूख के साथ मिलकर अख्तर की हत्या की साजिश रची गई।

मुज्जतबा व यासिर ने हत्या के लिए इस हत्याकांड के बाद हुए पुलिस मुठभेड़ में मारे गए चार बदमाश जमील उर्फ जमीलुद्दीन, बसंत जाल, बुधई पासी व अशफाक अहमद को लाइसेंसी दुनाली बंदूकें, तमंचे व कारतूसें उपलब्ध कराई थीं। वहीं सगीर अहमद ने अपनी मारुति वैन उपलब्ध कराकर हत्याकांड को अंजाम दिया।

इन्हें उम्रकैद

मो. यासिर, मुस्तफा हसन, मकसूद अहमद, मुज्जतबा हसन, मो. फारुख तथा सगीर अहमद को आजीवन कारावास एवं 30-30 हजार रुपये जुर्माना।

लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल करने के लिए मो. यासिर व मुज्जतबा हसन को आयुध अधिनियम के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 2-2 हजार रुपये का जुर्माना।

यह है मामला

CBI court freed Ateek Ahmad in a connection with murder case.

4 अप्रैल 1995 को नैनी केंद्रीय जेल से बंदी अख्तर हुसैन, सुशील कुमार, श्याम बाबू, राजन कुमार, कमलजीत सिंह व शैलेंद्र कुमार सिंह को लेकर कोर्ट में पेश करने लाया गया था।

बंदियों को पेशी के बाद दोपहर करीब पौने तीन बजे जब वापस ले जाया जा रहा था तो नीले रंग की मारुति वैन आई और उसमें से उतरे शख्स ने अख्तर को गोली मार दी। वहीं पुलिस के जवाबी फायर में चार बदमाश मारे गए।

सिपाही अनिल कुमार और एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ था। हाईकोर्ट ने घटना की जांच सीबीआई को सौप दी थी।

सीबीआई ने अपनी विवेचना में तत्कालीन सांसद अतीक अहमद को आरोपी बनाकर अन्य आरोपियों के साथ चार्जशीट दाखिल की थी।

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