Caution Money : पांच हजार रुपये से ज्यादा कॉशन मनी नहीं ले सकेंगे निजी इंजीनियरिंग कॉलेज
Caution Money: शासन ने संस्थाओं के लिए समान फीस निर्धारित कर दी है। अब डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेज पांच हजार रुपये और डिप्लोमा स्तरीय संस्थाएं तीन हजार रुपये से अधिक कॉशन मनी नहीं वसूल सकेंगे।
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प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग व डिप्लोमा कॉलेज छात्र-छात्राओं से प्रवेश के समय मनमानी जमानत राशि यानी कॉशन मनी नहीं वसूल सकेंगे। शासन ने संस्थाओं के लिए समान फीस निर्धारित कर दी है। अब डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेज पांच हजार रुपये और डिप्लोमा स्तरीय संस्थाएं तीन हजार रुपये से अधिक कॉशन मनी नहीं वसूल सकेंगे। यही नहीं संस्थाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी को नो ड्यूज प्रमाणपत्र मिलने की तिथि से दो महीने में अनिवार्य रूप से कॉशन मनी का शुल्क भी वापस करना होगा। ऐसा न करने पर ज्यों, ज्यों समय बढ़ेगा, त्यों-त्यों दो से चार गुना ज्यादा तक शुल्क वापस करना होगा।
प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र, छात्रा पर कोई देनदारी जैसे पुस्तकालय की पुस्तकों, प्रयोगशाला में टूटफूट आदि किसी प्रकार की देनदारी है। या फिर उसका कोई और देयक बकाया है तो उसकी धनराशि कॉशन मनी से काटकर शेष धनराशि दो महीने में वापस करनी होगी। यदि संस्थान दो महीने की निर्धारित समयावधि के बाद व चार महीने के अंदर कॉशन मनी की धनराशि वापस करेगा तो उसे जमा कॉशन मनी की धनराशि की दो गुना धनराशि वापस करनी होगी। इसी तरह यदि चार महीने के बाद व छह महीने के अंदर धनराशि वापस की जाती है तो तीन गुना और छह महीने के बाद धनराशि वापस करने पर चार गुना कॉशनमनी की धनराशि विद्यार्थी को वापस करनी होगी।
यदि संस्थान इन निर्देशों को पालन नहीं करेगा तो उसे विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं सभी संस्थाओं को कॉशनमनी की धनराशि वापस किए जाने के संबंध में प्रमाणपत्र यू.राइज पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही उक्त के अभिलेखीय साक्ष्य इंजीनियरिंग कॉलेजों को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ व डिप्लोमा स्तरीय इंजीनियरिंग संस्थाओं को प्राविधिक शिक्षा परिषद लखनऊ में उपलब्ध कराने होंगे।
अधिकारियों के अनुसार कॉशन मनी की धनराशि मनमाने ढंग से वसूले जाने व समय से वापस न करने पर विधान परिषद की शिक्षा का व्यावसायीकरण संबंधी जांच समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में शासन ने कार्रवाई की है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने छात्र-छात्राओं से मनमानी फीस वसूली रोकने के लिए इस संबंध में एक समान फीस तय करने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इस क्रम में विभिन्न संस्थाओं में 3000 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक कॉशन मनी वसूले जाने की शिकायत थी। साथ ही यह शुल्क 10 से 20 फीसदी छात्र-छात्राओं को ही वापस किए जाने की बात सामने आई थी। इसीलिए फीस में एक रूपता का यह निर्णय किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इससे प्रदेश के करीब 2000 कॉलेजों में कॉमन फीस समान होगी। साथ ही इससे लाखों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।