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UP News: यूपी की सड़कों पर अब नजर नहीं आएंगे निराश्रित गोवंश, गोसंरक्षण केंद्रों के कर्मचारियों का मानदेय 7500

Sun, 27 Aug 2023 09:35 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 27 Aug 2023 09:35 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित गोवंश की सुरक्षा और देखभाल के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्राथमिकता सूची में शामिल करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

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Cattles will not be roaming free on roads in Uttar Pradesh.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश की सड़कों पर अब निराश्रित गोवंश भटकते नजर नहीं आएंगे। योगी सरकार ने इनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए कड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निराश्रित गोवंश को पहले से संचालित गो सरंक्षण केंद्रों तक पहुंचाने, उनके लिए हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने और समय-समय पर स्वास्थ्य प्रशिक्षण के लिए निर्देश दिये हैं। साथ ही जिलाधिकारियों को इसे अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लगातार प्रदेश भर में सड़कों पर निराश्रित गोवंश की तादाद बढ़ने की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर सीएम योगी ने पहले भी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके बाद काफी सुधार भी देखने को मिला है और अब योगी सरकार ने इस दिशा में और तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये हैं, ताकि प्रदेश की सड़कों पर एक भी निराश्रित गोवंश न दिखे।  

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अतिरिक्त गो आश्रय स्थल बढ़ाने के लिए जल्द तैयार करें कार्ययोजना  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निराश्रित गोवंश की सुरक्षा और देखभाल का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में गो आश्रय स्थल बढ़ाने को कहा है। मालूम हो कि वर्तमान में प्रदेश भर में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए 6889 आश्रय स्थल संचालित हैं, जिसमें 6346 ग्रामीण और 543 शहरी क्षेत्रों में मौजूद हैं। इन आश्रय स्थलों में वर्तमान समय में 1182949 निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है।
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सीएम योगी ने विभाग को प्रदेश में गो आश्रय स्थल बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है ताकि इसे कैबिनेट में शामिल कर बजट जारी किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने गोवंश आश्रय स्थलों के वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रबंधन मजबूत करने को भी कहा है, जिससे आश्रय स्थल की स्थिति में सुधार आ सके। वहीं सीएम योगी ने हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए गोचर भूमि की जियो टैगिंग एवं कब्जा मुक्त कराकर नेपियर घास लगवाने को कहा है।   

पोर्टल पर अपडेट होगी आश्रय स्थल की हर जानकारी
अपर मुख्य सचिव पशुधन डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश की गो आश्रय स्थलों पर रहने की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के टूटे हुए कैटल शेड की मरम्मत कराने के साथ खडंजा इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की जा रही है। वहीं यहां काम करने वाले मजदूरों के मानदेय बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही आश्रय स्थल से संबंधित सभी जानकारियों को पोर्टल पर अपडेट करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि किस गो आश्रय स्थल पर कितने निराश्रित गोवंश को संरक्षित किया गया है और वहां पर और कितने गो वंश को संरक्षित किया जा सकता है। इतना ही नहीं जिलाधिकारी द्वारा समय-समय पर आश्रय स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। वहीं अधिकारियों द्वारा ऐसे हॉट स्पॉट का भी चिन्हांकन होगा जो निराश्रित गोवंश के लिए अत्यंत जोखिम वाले हैं। इनमें नगरीय मंडी और नदी तट आदि शामिल हैं।

गोसंरक्षण केंद्रों के कर्मचारियों का मानदेय होगा 7500
गोसंरक्षण केंद्रों में काम कर रहे कर्मियों का मानदेय बढ़ेगा। पूर्वी उप्र के लिए यह 7000 तथा पश्चिमी उप्र के लिए 7500 रुपये प्रतिमाह होगा। अभी तक इन कर्मियों को मनरेगा के तहत मानदेय मिल रहा है। इस बाबत प्रस्ताव तैयार किया गया। छुट्टा पशुओं को गो संरक्षण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए सरकार काम कर रही है। अपर मुख्य सचिव पशुधन डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश की गो आश्रय स्थलों पर रहने की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके टूटे हुए कैटल शेड की मरम्मत कराने के साथ खडंजा इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की जा रही है। वहीं यहां काम करने वाले मजदूरों के मानदेय बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव बन रहा है। साथ ही आश्रय स्थल से संबंधित सभी जानकारियों को पोर्टल पर अपडेट करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि किस गो आश्रय स्थल पर कितने निराश्रित गोवंश को संरक्षित किया गया है और वहां पर और कितने गो वंश को संरक्षित किया जा सकता है। इतना ही नहीं जिलाधिकारी द्वारा समय-समय पर आश्रय स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। वहीं अधिकारियों द्वारा ऐसे हॉट स्पॉट का भी चिह्नांकन होगा जो निराश्रित गोवंश के लिए अत्यंत जोखिम वाले हैं। इनमें नगरीय मंडी और नदी तट आदि शामिल हैं। दो दिन पूर्व सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक में निर्देश दिए थे कि सभी छुट्टा गोवंश को गो संरक्षण केंद्रों तक पहुंचाएं। उनकी सुरक्षा, देखभाल और हरे चारे का उचित प्रबंध किया जाए।

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