{"_id":"631ac79111db3b2abb5f294b","slug":"catering-complaints-will-be-removed-in-15-minutes-in-trains-will-start-from-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : ट्रेनों में 15 मिनट में दूर होंगी खानपान की शिकायतें, लखनऊ से होगी शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : ट्रेनों में 15 मिनट में दूर होंगी खानपान की शिकायतें, लखनऊ से होगी शुरुआत
Fri, 09 Sep 2022 10:27 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Sep 2022 10:27 AM IST
सार
न्यू कैटरिंग पॉलिसी के तहत आईआरसीटीसी को भारतीय रेलवे में खानपान की पूरी जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। इसके बाद आईआरसीटीसी ने बेस किचन बनवाए हैं। कोविड काल में इसका उपयोग नहीं हो सका, लेकिन अब यहां से ट्रेनों में खाना सप्लाई करने की तैयारी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रेन में घटिया खाना परोसे जाने या अधिक पैसे वसूलने जैसी खानपान से जुड़ी शिकायतों का 15 मिनट के अंतर निस्तारण होगा। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने इसके लिए पहल की है। इसके तहत ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जिस पर यात्री, ठेकेदार के साथ अधिकारी भी उपलब्ध होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे लखनऊ से शुरू करने की तैयारी है।
विज्ञापन
न्यू कैटरिंग पॉलिसी के तहत आईआरसीटीसी को भारतीय रेलवे में खानपान की पूरी जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। इसके बाद आईआरसीटीसी ने बेस किचन बनवाए हैं। कोविड काल में इसका उपयोग नहीं हो सका, लेकिन अब यहां से ट्रेनों में खाना सप्लाई करने की तैयारी है। वहीं, ट्रेनों व स्टेशनों से खानपान के लिए आ रही शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए नया सिस्टम विकसित किया गया है।
विज्ञापन
रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुनील कुमार बताते हैं कि कैटरिंग मैनेजमेंट सिस्टम मॉड्यूल बनाया गया है। इस एक प्लेटफॉर्म पर यात्रियों, रेलवे, ठेकेदारों व आईआरसीटीसी को लाकर खड़ा किया गया है। ऐसे में जैसे ही शिकायत आएगी, वह तुरंत संबंधित जोन, मंडल व स्टेशन पर पहुंच जाएगी और निस्तारण में आसानी होगी। इससे एक डाटाबेस भी तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे लखनऊ से शुरू किया जाएगा। यहां बड़ी संख्या में कैटरिंग कॉन्ट्रैक्टर हैं। मॉड्यूल सफल रहा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस सिस्टम के तहत यदि किसी के विरुद्ध कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी तो बाबुओं की मोहताजी नहीं रहेगी। इसमें ऑटो जेनरेटेड सिस्टम होगा जो सीधे कार्रवाई का लेटर संबंधित के पास भेज देगा।
विज्ञापन