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1.68 कर्मचारी, पेंशनर्स को मिलेगा कैशलेस इलाज
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1.68 कर्मचारी, पेंशनर्स को मिलेगा कैशलेस इलाज
अतुल भारद्वाज
लखनऊ के करीब 1.68 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए इलाज कराना अब आसान होगा। ऐसे कर्मचारियों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है। इससे पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। वहीं इलाज के बाद मेडीक्लेम लेने के लिए सीएमओ कार्यालय व अन्य कागजी कार्यवाही के पचड़े से भी निजात मिलेगी। जिला प्रशासन के कोषागार ने स्टेट हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर काम भी शुरू करा दिया है।
मुख्य कोषाधिकारी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि स्टेट हेल्थ कार्ड के लिए आवेेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के समय ही खुद के अलावा आश्रित परिजनों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं। आवेदन के जरूरी सत्यापन के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदन दे दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरे होने केे बाद ई-केवाईसी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सेतु पोर्टल पर की जा सकेगी। इसके बाद स्टेट हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। यह कार्ड निजी और सरकारी अस्पताल में उपयोग किया जा सकेगा। जिन अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा है। इसकी सूची भी आयुष्मानयूपी डॉट इन वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
इन्हें मिलेगा लाभ
- 43000 पेंशनर्स
- 1.25 लाख कर्मचारी
अभी देने होते हैं इलाज के बिल
अभी कर्मचारी और पेंशनर्स को इलाज के बाद अपने खर्च के बिल विभाग को देने होते हैं। इसके बाद सीएमओ कार्यालय इन बिलों का सत्यापन और जांच करता है। यहां के अनुमोदन के बाद ही विभाग से इलाज के खर्च का भुगतान होता है। इससे कई बार सामान्य बीमारी के इलाज के खर्च के भुगतान के लिए भी कर्मचारी व पेंशनर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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यहां कर सकते आवेदन :
sects.up.gov.in
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अतुल भारद्वाज
लखनऊ के करीब 1.68 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए इलाज कराना अब आसान होगा। ऐसे कर्मचारियों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है। इससे पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। वहीं इलाज के बाद मेडीक्लेम लेने के लिए सीएमओ कार्यालय व अन्य कागजी कार्यवाही के पचड़े से भी निजात मिलेगी। जिला प्रशासन के कोषागार ने स्टेट हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर काम भी शुरू करा दिया है।
मुख्य कोषाधिकारी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि स्टेट हेल्थ कार्ड के लिए आवेेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के समय ही खुद के अलावा आश्रित परिजनों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं। आवेदन के जरूरी सत्यापन के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदन दे दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरे होने केे बाद ई-केवाईसी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सेतु पोर्टल पर की जा सकेगी। इसके बाद स्टेट हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। यह कार्ड निजी और सरकारी अस्पताल में उपयोग किया जा सकेगा। जिन अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा है। इसकी सूची भी आयुष्मानयूपी डॉट इन वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
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इन्हें मिलेगा लाभ
- 43000 पेंशनर्स
- 1.25 लाख कर्मचारी
अभी देने होते हैं इलाज के बिल
अभी कर्मचारी और पेंशनर्स को इलाज के बाद अपने खर्च के बिल विभाग को देने होते हैं। इसके बाद सीएमओ कार्यालय इन बिलों का सत्यापन और जांच करता है। यहां के अनुमोदन के बाद ही विभाग से इलाज के खर्च का भुगतान होता है। इससे कई बार सामान्य बीमारी के इलाज के खर्च के भुगतान के लिए भी कर्मचारी व पेंशनर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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sects.up.gov.in