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नोटबंदी के बाद फिर गहराया नकदी संकट, 20 एटीएम तलाशने पर भी कैश नहीं

Sun, 16 Apr 2017 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 16 Apr 2017 01:51 AM IST
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cash crisis in ATM in Lucknow.
एटीएम में नहीं है कैश - फोटो : amar ujala

लखनऊ के एटीएम से कैश तेजी से खत्म होने लगा है। आरबीआई से पिछले 15 दिन से करेंसी चेस्ट्स में कैश सप्लाई बंद है। नागरिकों ने कैश निकालना शुरू कर दिया है। जमा करवाने वाले एक चौथाई रह गए।

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राजधानी में एक औसत कारोबारी दिन में जिन शाखाओं 40 लाख रुपये जमा हो रहे थे, वहां आंकड़ा 10 लाख आ चुका है। जबकि पहले जहां 10 लाख रुपये तक निकाले जा रहे थे, अब 40 लाख हर रोज निकाले जा रहे हैं।
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नागरिक कैश के लिए क्यों परेशान हो रहे हैं, ‘अमर उजाला’ ने विभिन्न बैंकों से बात कर जानने का प्रयास किया तो यह स्थितियां सामने आईं। साथ ही आने वाले कुछ दिनों तक हालात में सुधार की संभावना भी नजर नहीं आ रही है।

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हालात इस कदर बिगड़े...

cash crisis in ATM in Lucknow.

कैश निकालने पहुंचे पीयूष राय ने बताया कि वे शुक्रवार और शनिवार को राजधानी के नए व पुराने कई क्षेत्रों के एटीएम खंगाल चुके, लेकिन कहीं कैश नहीं मिला। मनीष कुमार ने बताया कि वह गिनकर 30 एटीएम खंगाल चुके हैं, लेकिन कैश नहीं होने की वजह से काम नहीं हुआ।

मनीष ने हालात के बारे में यूपी सीएम और देश के पीएम तक को ट्वीट किया, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं आया।

बॉबी ने हजरतगंज से लेकर गोमतीनगर तक के पत्रकारपुर तक के रूट पर सभी एटीएम खंगाले, किसी में कैश नहीं था, काफी देर बाद सफलता मिली जब मिठाई वाला चौराहा पर एक एटीएम से 2000 के नोट निकाल सके।

कैश निकालना चाह रहे अधिकतर नागरिकों के लिए पिछले कुछ दिनों में एटीएम दर एटीएम भटकना किसी रूटीन जैसे हो चुका है।

आरबीआई के अधिकारी ने दी जानकारी

cash crisis in ATM in Lucknow.
एटीएम के बाहर लगी लाइन - फोटो : amar ujala

आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि खुद उनके पास कैश सप्लाई नहीं हो रही है। हैडक्वार्टर से इसकी वजह नहीं बताई गई है।

दूसरी ओर आरबीआई क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी बैंकों से कह रहे हैं कि ग्राहकों और नागरिकों द्वारा जमा की जा रही राशि को ही सर्क्यूलेट करते रहें ताकि कैश की उपलब्धता बनी रही।

ज्यादा पैसा निकालने की प्रवृत्ति फिर बढ़ी
ग्राहकों का पैसा ही बाजार में सर्क्यूलेट करने में एक अप्रैल के पहले बैंकों को कोई परेशानी नहीं थी। अलीगंज स्थित पीएनबी की एक व्यस्तम शाखा के अधिकारी ने बताया कि यहां रोजाना 10 लाख रुपये निकाले जा रहे थे, तो 30 से 40 लाख जमा हो रहे थे।

सरप्लस पैसा आसपास के शाखाओं में भेजकर शाखा और एटीएम के लिए व्यवस्थाएं की जा रही थीं। लेकिन नए वित्त वर्ष के आते ही स्थितियां उलट गईं। अब बमुश्किल 10 लाख जमा हो रहे, लेकिन 40 लाख रुपये तक निकाले जा रहे हैं। यह ट्रेंड क्यों पनपा है, क्या लोगों में किसी किस्म का पैनिक है यह अभी भांपा नहीं जा सका है।

व्यवस्थाएं इस तरह भी चरमराईं

cash crisis in ATM in Lucknow.

यूनियन बैंक के एक महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी ने बताया कि एटीएम में कैश सप्लाई का काम आउटसोर्सिंग से होता है। एक ही कंपनी कई-कई शाखाओं और बैंकों के लिए काम करती है। लखनऊ में चार कंपनियों ने यह काम ले रखा है।

वे करेंसी चेस्ट से कैश लेकर बैंकों से मिलने निर्देशों के अनुसार एक साथ कैश सप्लाई करते हुए चलते हैं। करेंसी चेस्ट में जरूरत के बराबर कैश नहीं है, नतीजतन कुछ ही एटीएम कवर हो पाते हैं।

कुछ शाखाओं से भेजा जा रहा कैश केवल ऑन साइट (शाखाओं में लगे) एटीएम पर सप्लाई हो रहा है, लेकिन यह भी अपर्याप्त है।

अचानक पनपा कैश संकट, पता नहीं क्यों

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इस पर एसबीआई लखनऊ मंडल के एजीएम पीआर के सूर्या मेंडविल ने बात की और हमारे सवालों के जवाब दिए-

सवाल - नागरिकों को कैश क्यों नहीं मिल रहा?

जवाब -
‘अचानक कैश संकट हो गया है। मैं नहीं जानता कि ऐसा क्यों हो रहा है। सिर्फ एसबीआई की बात नहीं है यह बीमारी सभी बैंकों में फैल गई है।’

सवाल- बैंक ने अपने स्तर पर कुछ किया?

जवाब
- ‘बैंक सुधार के लिए अपने स्तरपर कदम उठा रहे हैं, लेकिन आरबीआई से ही हमें कैश नहीं मिल रहा है।’

सवाल- आरबीआई ने कोई सूचना दी कि हालात कब तक सुधरेंगे?

जवाब
- ‘मुझे इस बारे में जानकारी नहीं। शायद सरकार चाहती है कि लोग कैश के बजाय लेन-देन के लिए डिजीटल माध्यमों का उपयोग करें, इसलिए जानबूझकर सप्लाई रोकी गई ताकि लोगों को उस ओर मोड़ा जाए। हमारे यहां जब तक हैमर न करो, लोग करते नहीं हैं।’

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