{"_id":"601262744c772e49bc3e2d20","slug":"cases-filed-against-businessmen-during-lockdown-will-be-cancelled","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन के दौरान व्यापारियों पर दर्ज किए गए मुकदमें रद्द किए जाएंगे, कानून मंत्री ने दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन के दौरान व्यापारियों पर दर्ज किए गए मुकदमें रद्द किए जाएंगे, कानून मंत्री ने दिए निर्देश
Thu, 28 Jan 2021 07:42 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 28 Jan 2021 07:42 PM IST
विज्ञापन
न्याय व विधि मंत्री बृजेश पाठक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के व्यापारियों के खिलाफ लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 नियमों के उल्लंघन संबंधी सभी मुकदमे वापस लेने का एलान किया है। इससे हजारों व्यापारियों को राहत मिलेगी। विधि मंत्री ने प्रमुख सचिव न्याय को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, बृहस्पतिवार को यूपी युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल बजाज, प्रांतीय वरिष्ठ महामंत्री अशोक मोतियानी आदि ने विधि एवं न्याय मंत्री से मिलकर व्यापारियों के खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन संबंधी मुकदमे वापस लेने की मांग की थी।
मंत्री पाठक ने बताया कि व्यापारियों की ओर से काफी दिनों से इस संबंध में मांग की जा रही थी। इस संबंध में विचार कर प्रमुख सचिव न्याय को मुकदमा वापसी की कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं। प्रमुख सचिव जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट मांग रहे हैं। रिपोर्ट आते ही मुकदमा वापसी की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
एक सवाल के जवाब में पाठक ने बताया कि यदि अन्य किसी वर्ग से भी कोविड नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामले वापस लेने की मांग आती है तो उस पर भी सरकार विचार करेगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी और पुलिस पर जांच व न्यायालयों से मुकदमों का बोझ कम होगा। कोविड-19 प्रोटोकाल तोड़ने और लॉकडाउन के उल्लंघन के मुकदमे वापस लेने की पहल करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बताया जा रहा है।
कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों को भी राहत संभव
मंत्री के संकेत से साफ है कि आने वाले दिनों में कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे भी खत्म किए जा सकते हैं। इस फैसले के बाद अन्य वर्गों से भी मांग उठना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, बृहस्पतिवार को यूपी युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल बजाज, प्रांतीय वरिष्ठ महामंत्री अशोक मोतियानी आदि ने विधि एवं न्याय मंत्री से मिलकर व्यापारियों के खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन संबंधी मुकदमे वापस लेने की मांग की थी।
विज्ञापन
मंत्री पाठक ने बताया कि व्यापारियों की ओर से काफी दिनों से इस संबंध में मांग की जा रही थी। इस संबंध में विचार कर प्रमुख सचिव न्याय को मुकदमा वापसी की कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं। प्रमुख सचिव जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट मांग रहे हैं। रिपोर्ट आते ही मुकदमा वापसी की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
एक सवाल के जवाब में पाठक ने बताया कि यदि अन्य किसी वर्ग से भी कोविड नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामले वापस लेने की मांग आती है तो उस पर भी सरकार विचार करेगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी और पुलिस पर जांच व न्यायालयों से मुकदमों का बोझ कम होगा। कोविड-19 प्रोटोकाल तोड़ने और लॉकडाउन के उल्लंघन के मुकदमे वापस लेने की पहल करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बताया जा रहा है।
कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों को भी राहत संभव
मंत्री के संकेत से साफ है कि आने वाले दिनों में कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे भी खत्म किए जा सकते हैं। इस फैसले के बाद अन्य वर्गों से भी मांग उठना तय माना जा रहा है।