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यूपी: कोआपरेटिव बैंक में भर्ती घोटाले के आरोपियों पर दर्ज होगा मुकदमा, मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

Sat, 24 Oct 2020 12:28 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 24 Oct 2020 12:28 PM IST
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case will be registered against the accused of recruitment scam in Co-operative Bank, Chief Minister Yogi gave instructions
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : एएनआई
भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ  लगातार कठोर कार्रवाई कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा शासन में सहकारिता विभाग में भर्ती घोटाले के आरोपियों के भी विरुद्ध तेवर कड़े कर दिए हैं। उन्होंने कोआपरेटिव बैंक में हुई सहायक प्रबंधक (सामान्य) एवं सहायक प्रबंधक (कंप्यूटर) सहित अन्य पदों  पर भर्तियों में घोटाले की एसआईटी रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। 
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साथ ही सहकारी संस्थागत सेवा मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष रामजतन यादव सहित कोऑपरेटिव बैंक के दो तत्कालीन प्रबंध निदेशकों, सेवा मंडल के तत्कालीन सचिवों सहित संबंधित कंप्यूटर एजेंसी तथा अन्य कई के खिलाफ  धोखाधड़ी एवं साजिश सहित अन्य कठोर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है ।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। ट्वीट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने  एसआईटी जांच रिपोर्ट की सिफारिश स्वीकार करते हुए उ.प्र. कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के तत्कालीन दो प्रबंध निदेशकों हीरालाल यादव व रविकांत सिंह, सहकारी संस्थागत सेवा मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष रामजतन यादव, सचिव राकेश मिश्र, सदस्य सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव के साथ भर्ती कंप्यूटर एजेंसी मे. एक्सिस डिजिनेट टेक्नॉलॉजीज प्राइवेट लि. लखनऊ सहित कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और सहकारी संस्थागत सेवा मंडल प्रबंध समिति के अन्य दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 तथा 120 बी के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत करने का निर्देश दिया है।
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एसआईटी ने की थी सिफारिश

यूपी कोऑपरेटिव बैंक के सहायक प्रबंधक (सामान्य) एवं सहायक प्रबंधक (कंप्यूटर) की वर्ष 2015-16 तथा प्रबंधक व सहायक/कैशियर पद पर 2016-17 में की गई भर्ती में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। लोगों ने शिकायत की थी कि अधिकारियों और अध्यक्ष ने  भ्रष्टाचार कर अपने चहेतों को नौकरियां दी। 

इसके लिए शैक्षिक अर्हता बदली गई। परीक्षा की कापियां जांचने में गड़बड़ी की गई। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से  संबद्ध सहकार भारती ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ से की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता में हुई भर्तियों की एसआईटी जांच शुरू कराई थी। 

जिसमें एसआईटी ने कोऑपरेटिव बैंक में भर्तियों की जांच पूरी कर पिछले दिनों अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि करते हुए उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशकों तथा सहकारी संस्थागत सेवामंडल के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव सहित सात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने की सिफारिश की थी।

एक माह में पूरी हो शेष जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर मुकदमा चलाने के निर्देश के साथ शेष भर्ती घोटाले की भी एसआईटी जांच एक महीने में पूरी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने  राज्य भंडारण निगम में वर्ष 2013 व उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में वर्ष 2015-16 में हुई भर्तियों की एसआईटी जांच भी एक महीने में पूरी करने का निर्देश दिया है।
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