यौन उत्पीड़न : छह साल बाद एफएसएसएआई के पूर्व निदेशक प्रवर्तन पर केस
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के पूर्व निदेशक (प्रवर्तन) डॉ. एसएस धौन्क्रोक्ता पर छह साल पुराने मामले में यौन उत्पीड़न का केस दर्ज हुआ है। डॉ. धौन्क्रोक्ता का साथ देने वाले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली में बतौर सेक्शन अफसर तैनात सुनील कुमार भदौरिया के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ। दोनों को विभागीय जांच में दोषी पाया गया था पर वह रिपोर्ट दबा दी गई थी।
सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता के अनुसार वह 2012 में लखनऊ में ही एफएसएसएआई में तैनात थीं। आरोपी धौन्क्रोक्ता 20 मई 2012 को लखनऊ दौरे पर आए थे। 21 मई को उन्होंने अलीगंज स्थित एफएसएसएआई कार्यालय का निरीक्षण किया और स्टेट फूड सेफ्टी कमिश्नर से मीटिंग की जानकारी देते हुए जबरन उन्हें साथ ले गए।
इसके बाद वह उन्हें अपने साथ एयरपोर्ट भी लाए और पूरा समय पदोन्नति व अन्य लाभ का लालच देकर बहकाने का प्रयास करते रहे। दिल्ली जाने के बाद भी धौन्क्रोक्ता फोन पर अश्लील बातें करते थे।
कमेटी ने पाया था दोषी
पीड़िता की मां की शिकायत के बाद इंटरनल कम्प्लेंट कमेटी फॉर सेक्सुअल हरैसमेंट ऑफ वीमेन एट वर्क प्लेस की जांच में धौन्क्रोक्ता दोषी पाए गए। उत्पीड़न में उनका सहयोग करने वाले भदौरिया के खिलाफ भी आरोप साबित हुए। कमेटी ने जून 2015 को अपनी जांच रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ अश्लील हरकतें, षड्यंत्र समेत आईपीसी की अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी।
मगर उस रिपोर्ट को दबा दिया गया। रिपोर्ट की कॉपी 27 फरवरी 2017 को उपलब्ध कराई गई। विभाग की तरफ से कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह से मुलाकात कर उन्हें कमेटी की जांच रिपोर्ट दिखाई व दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि धौन्क्रोक्ता की यौन प्रताड़ना व धमकियों के साक्ष्य मिटाने में भदौरिया ने पूरा साथ दिया।