{"_id":"61b3ae4cbc6da61f6c68112b","slug":"case-on-two-inspector-of-cbcid-lucknow-news-lko6083746128","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टर पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टर पर मुकदमा
विज्ञापन
लखनऊ। अलीगंज में चार साल पहले मुठभेड़ में एटीएम चोरों के गैंग को गिरफ्तार करने के मामले में पुलिस और सीबीसीआईडी एक बार फिर आमने-सामने हैं। पुलिस पर बेगुनाहों को फंसाने और सीबीसीआईडी पर अपराधियों को बचाने का आरोप है। अलीगंज थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक नेपाल सिंह ने अब कोर्ट के आदेश पर सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टर व अन्य के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार, गोमतीनगर विस्तार थाने में तैनात उपनिरीक्षक नेपाल सिंह ने अलीगंज थाने में तैनाती के दौरान 16 जुलाई 2018 की रात उपनिरीक्षक वीरभान सिंह, कांस्टेबल पंकज राय व मिथलेश गिरि के साथ केनरा बैंक का एटीएम तोड़ने की योजना बना रहे बदमाशों की घेराबंदी की थी। इस पर बदमाशों ने फायरिंग भी की थी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मनीष मिश्र व इरफान उर्फ राजू को गिरफ्तार किया था। इनके पास से असलहे व अन्य सामान बरामद हुआ था। मामले में अलीगंज थाने में एटीएम तोड़कर चोरी के प्रयास व पुलिस मुठभेड़ और आर्म्स एक्ट की धारा में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक वीरभान सिंह ने और दूसरे की विवेचना उपनिरीक्षक शिव सिंह ने की। दोनों मुकदमों में सुबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। मगर इसी बीच आरोपी मनीष मिश्र ने चार्जशीट दाखिल होने की बात छिपाकर तीन फरवरी 2020 को दोनों मामलों की विवेचना सीबीसीआईडी से कराने का शासन से आदेश जारी करा लिया।
सीबीसीआईडी में इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी को विवेचना सौंपी गई। इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने 16 मार्च 2020 को उपनिरीक्षक नेपाल सिंह, उपनिरीक्षक वीरभान सिंह और आरक्षी मिथिलेश गिरी को बयान देने के लिए जवाहर भवन स्थित सीबीसीआईडी के कार्यालय बुलाया। नेपाल सिंह के मुताबिक, वहां पहुंचने पर इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने आरोप लगाया कि मनीष मिश्र और इरफान को झूठा फंसाया गया है। ऐसे में अब जांच करके तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। आरोप है कि कार्रवाई से बचाने के एवज में इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने उनसे 10 लाख रुपये घूस मांगी। मना करने पर गालियां देकर भगा दिया।
विज्ञापन
घूस न देने पर दर्ज करा दी थी रिपोर्ट
उपनिरीक्षक नेपाल सिंह के मुताबिक, घूस न देने पर इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने उनके साथ ही उपनिरीक्षक वीरभान और आरक्षी पंकज राय व मिथिलेश के खिलाफ अलीगंज थाने में ही केस दर्ज करा दिया। हालांकि अलीगंज पुलिस ने जांच में तीनों पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दे दी मगर आजाद सिंह केशरी रुपयों के लिए उनके पीछे पड़े रहे।
सुनवाई न होने पर ली कोर्ट की शरण
उपनिरीक्षक नेपाल सिंह का आरोप है कि इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी के साथ ही सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर केपी दुबे भी घूस की रकम देने का दबाव बना रहे थे। हजरतगंज कोतवाली में इसकी शिकायत पर भी सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर हजरतगंज कोतवाली में सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी, इंस्पेक्टर केपी दुबे और मनीष मिश्र के खिलाफ झूठे मामले में फंसाने, रंगदारी, गाली-गलौज, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी विवेचना एसीपी हजरतगंज अखिलेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।
मुकदमे में लगा दी फाइनल रिपोर्ट
उपनिरीक्षक नेपाल सिंह का कहना है कि सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने मनीष मिश्र व उसके साथियों पर दर्ज मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट भेज दी। हालांकि नेपाल सिंह की चुनौती पर कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर विचारण प्रारंभ करने का आदेश जारी कर दिया था। इसी के बाद इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने अलीगंज थाने में पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया था।
निष्पक्ष जांच कराई जाएगी
सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टरों पर घूस मांगने का आरोप गंभीर बात है। निष्पक्ष तरीके से इसकी जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
- दावा शेरपा, एडीजी, सीबीसीआईडी
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, गोमतीनगर विस्तार थाने में तैनात उपनिरीक्षक नेपाल सिंह ने अलीगंज थाने में तैनाती के दौरान 16 जुलाई 2018 की रात उपनिरीक्षक वीरभान सिंह, कांस्टेबल पंकज राय व मिथलेश गिरि के साथ केनरा बैंक का एटीएम तोड़ने की योजना बना रहे बदमाशों की घेराबंदी की थी। इस पर बदमाशों ने फायरिंग भी की थी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मनीष मिश्र व इरफान उर्फ राजू को गिरफ्तार किया था। इनके पास से असलहे व अन्य सामान बरामद हुआ था। मामले में अलीगंज थाने में एटीएम तोड़कर चोरी के प्रयास व पुलिस मुठभेड़ और आर्म्स एक्ट की धारा में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक वीरभान सिंह ने और दूसरे की विवेचना उपनिरीक्षक शिव सिंह ने की। दोनों मुकदमों में सुबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। मगर इसी बीच आरोपी मनीष मिश्र ने चार्जशीट दाखिल होने की बात छिपाकर तीन फरवरी 2020 को दोनों मामलों की विवेचना सीबीसीआईडी से कराने का शासन से आदेश जारी करा लिया।
विज्ञापन
सीबीसीआईडी में इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी को विवेचना सौंपी गई। इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने 16 मार्च 2020 को उपनिरीक्षक नेपाल सिंह, उपनिरीक्षक वीरभान सिंह और आरक्षी मिथिलेश गिरी को बयान देने के लिए जवाहर भवन स्थित सीबीसीआईडी के कार्यालय बुलाया। नेपाल सिंह के मुताबिक, वहां पहुंचने पर इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने आरोप लगाया कि मनीष मिश्र और इरफान को झूठा फंसाया गया है। ऐसे में अब जांच करके तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। आरोप है कि कार्रवाई से बचाने के एवज में इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने उनसे 10 लाख रुपये घूस मांगी। मना करने पर गालियां देकर भगा दिया।
विज्ञापन
घूस न देने पर दर्ज करा दी थी रिपोर्ट
उपनिरीक्षक नेपाल सिंह के मुताबिक, घूस न देने पर इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने उनके साथ ही उपनिरीक्षक वीरभान और आरक्षी पंकज राय व मिथिलेश के खिलाफ अलीगंज थाने में ही केस दर्ज करा दिया। हालांकि अलीगंज पुलिस ने जांच में तीनों पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दे दी मगर आजाद सिंह केशरी रुपयों के लिए उनके पीछे पड़े रहे।
सुनवाई न होने पर ली कोर्ट की शरण
उपनिरीक्षक नेपाल सिंह का आरोप है कि इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी के साथ ही सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर केपी दुबे भी घूस की रकम देने का दबाव बना रहे थे। हजरतगंज कोतवाली में इसकी शिकायत पर भी सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर हजरतगंज कोतवाली में सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी, इंस्पेक्टर केपी दुबे और मनीष मिश्र के खिलाफ झूठे मामले में फंसाने, रंगदारी, गाली-गलौज, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी विवेचना एसीपी हजरतगंज अखिलेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।
मुकदमे में लगा दी फाइनल रिपोर्ट
उपनिरीक्षक नेपाल सिंह का कहना है कि सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने मनीष मिश्र व उसके साथियों पर दर्ज मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट भेज दी। हालांकि नेपाल सिंह की चुनौती पर कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर विचारण प्रारंभ करने का आदेश जारी कर दिया था। इसी के बाद इंस्पेक्टर आजाद सिंह केशरी ने अलीगंज थाने में पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया था।
निष्पक्ष जांच कराई जाएगी
सीबीसीआईडी के दो इंस्पेक्टरों पर घूस मांगने का आरोप गंभीर बात है। निष्पक्ष तरीके से इसकी जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
- दावा शेरपा, एडीजी, सीबीसीआईडी