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नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, आरक्षी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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लखनऊ। आईआईएम रोड पर रहने वाले अमित कुमार राय से आरक्षी प्रमोद कुमार मिश्रा ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रुपये ठग लिए। यही नहीं, नौकरी के लिए कॉल लेटर तक भेज दिया। अमित को ठगी का अहसास होने पर महानगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर की जांच के बाद आरक्षी चालक प्रमोद मिश्रा, मीनाक्षी मिश्रा व दिव्यांश मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
आईआईएम रोड निवासी अमित कुमार राय के मुताबिक, उन्हें नौकरी की जरूरत थी। इसके लिए वह काफी दिनों से सरकारी विभाग में ट्राई कर रहे थे। इस बीच पारिवारिक मित्र प्रमोद कुमार मिश्रा से मुलाकात हुई। उसने बताया कि पता कर बताता हूं। इस बीच मार्च साल 2020 में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद लॉकडाउन लगने के बाद बात टल गई। अगस्त 2020 में नौकरी के लिए 12 लाख रुपये मांगे। घर वालों ने इसलिए विश्वास कर लिया क्योंकि पुलिस विभाग में वह चालक के पद पर तैनात था।
इसके बाद तीन चेक अपने दोस्त घनश्याम श्रीवास्तव और एक चेक बेटे दिव्यांग मिश्रा के नाम पर लिया। इसके बाद नौकरी का कॉल लेटर तक आ गया। इसके बाद जानकारी हुई कि यह सब जालसाजी है। अमित ने प्रमोद से बात की तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद जब अमित ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा तो 12 में से 3 लाख रुपये नवंबर में वापस कर दिए। उसके बाद से एक भी रुपये वापस नहीं किया। अमित ने महानगर थाने में केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक, अमित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरक्षी प्रमोद कुमार मिश्रा पहले लखनऊ के रेडियो मुख्यालय महानगर में तैनात था। वर्तमान में मिर्जापुर में तैनात है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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आईआईएम रोड निवासी अमित कुमार राय के मुताबिक, उन्हें नौकरी की जरूरत थी। इसके लिए वह काफी दिनों से सरकारी विभाग में ट्राई कर रहे थे। इस बीच पारिवारिक मित्र प्रमोद कुमार मिश्रा से मुलाकात हुई। उसने बताया कि पता कर बताता हूं। इस बीच मार्च साल 2020 में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद लॉकडाउन लगने के बाद बात टल गई। अगस्त 2020 में नौकरी के लिए 12 लाख रुपये मांगे। घर वालों ने इसलिए विश्वास कर लिया क्योंकि पुलिस विभाग में वह चालक के पद पर तैनात था।
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इसके बाद तीन चेक अपने दोस्त घनश्याम श्रीवास्तव और एक चेक बेटे दिव्यांग मिश्रा के नाम पर लिया। इसके बाद नौकरी का कॉल लेटर तक आ गया। इसके बाद जानकारी हुई कि यह सब जालसाजी है। अमित ने प्रमोद से बात की तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद जब अमित ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा तो 12 में से 3 लाख रुपये नवंबर में वापस कर दिए। उसके बाद से एक भी रुपये वापस नहीं किया। अमित ने महानगर थाने में केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक, अमित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरक्षी प्रमोद कुमार मिश्रा पहले लखनऊ के रेडियो मुख्यालय महानगर में तैनात था। वर्तमान में मिर्जापुर में तैनात है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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