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पैक्सफेड के इंजीनियर पिता-पुत्र पर जालसाजी का मुकदमा
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लखनऊ। पैक्सफेड में तैनात अवर अभियंता और उसके इंजीनियर बेटे पर फर्जी दस्तावेज के जरिए ठेका दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये ठगी का आरोप लगा है। पीड़ित ठेकेदार की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, विनयखंड-4 निवासी अतुल कुमार सरकारी विभागों में निर्माण कार्य का काम करते हैं। अतुल के मुताबिक, उनकी फर्म मेसर्स अतुल कुमार उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (पैक्सफेड) में पंजीकृत है। पैक्सफेड में राकेश नारायण राव बतौर अवर अभियंता तैनात हैं। इस समय उनकी तैनाती मुरादाबाद इकाई में हैं। राकेश से उनकी मुलाकात गोरखपुर इकाई में तैनाती के दौरान हुई थी। राकेश ने उनको ठेका दिलाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि इसके बाद धीरे-धीरे कर 25.15 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद न तो ठेका दिलाया और न ही रकम वापस की। जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो टालमटोल करने लगे।
मूक-बधिर विद्यालय के निर्माण का कागज दिखा वसूली रकम
पीड़ित ठेकेदार के मुताबिक, अवर अभियंता राकेश नारायण राव ने उनको 2019 में एक ठेका दिलाने का आश्वासन दिया था। इस दौरान राकेश ने ठेकेदार के मोबाइल पर एक दस्तावेज भेजा जिसमें गोरखपुर के मूक-बधिर विद्यालय के भवन निर्माण का कार्य प्रस्ताव था। इसी काम को दिलाने के लिए इंजीनियर ने रुपये मांगे। यह रकम उसने 12.65 लाख रुपये खुद के और अपने बेटे दिवाकर सिंह के खाते में 2020-2021 में मंगाए। दिवाकर भी इसी विभाग में इंजीनियर हैं। इसके पहले 10 लाख रुपये लिए थे। वहीं ढाई लाख रुपये 2021 में मई-जून में और मांगे। काम दिलाने के नाम पर तीन साल तक टालमटोल करते रहे। जब रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो 22.50 लाख रुपये के चेक दिए जो बैंक खाते में लगाते ही बाउंस हो गए। इसकी जानकारी भी उन्हें दी मगर वे टालमटोल करते रहे।
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घर पर पहुंचकर दी धमकी
अतुल कुमार के अनुसार, 19 जनवरी को गोरखपुर में आरोपी इंजीनियर पिता-पुत्र के जटेपुर उत्तरी स्थित आवास पर गया मगर वे नहीं मिले। परिवारीजनों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही रुपये दे देंगे। इसके बाद अचानक 12 फरवरी को राकेश राव उनके विनयखंड स्थित आवास पहुंचे और बातचीत के दौरान धमकी दी। राकेश के साथ साथ चार-पांच अन्य लोग भी थे। पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन इसके पहले सभी भाग गए। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, पीड़ित ठेकेदार अतुल कुमार की तहरीर पर जांच की गई। मामला सही पाया गया। कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, अमानत में ख्यानत करने, साजिश रचने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, विनयखंड-4 निवासी अतुल कुमार सरकारी विभागों में निर्माण कार्य का काम करते हैं। अतुल के मुताबिक, उनकी फर्म मेसर्स अतुल कुमार उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (पैक्सफेड) में पंजीकृत है। पैक्सफेड में राकेश नारायण राव बतौर अवर अभियंता तैनात हैं। इस समय उनकी तैनाती मुरादाबाद इकाई में हैं। राकेश से उनकी मुलाकात गोरखपुर इकाई में तैनाती के दौरान हुई थी। राकेश ने उनको ठेका दिलाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि इसके बाद धीरे-धीरे कर 25.15 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद न तो ठेका दिलाया और न ही रकम वापस की। जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो टालमटोल करने लगे।
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मूक-बधिर विद्यालय के निर्माण का कागज दिखा वसूली रकम
पीड़ित ठेकेदार के मुताबिक, अवर अभियंता राकेश नारायण राव ने उनको 2019 में एक ठेका दिलाने का आश्वासन दिया था। इस दौरान राकेश ने ठेकेदार के मोबाइल पर एक दस्तावेज भेजा जिसमें गोरखपुर के मूक-बधिर विद्यालय के भवन निर्माण का कार्य प्रस्ताव था। इसी काम को दिलाने के लिए इंजीनियर ने रुपये मांगे। यह रकम उसने 12.65 लाख रुपये खुद के और अपने बेटे दिवाकर सिंह के खाते में 2020-2021 में मंगाए। दिवाकर भी इसी विभाग में इंजीनियर हैं। इसके पहले 10 लाख रुपये लिए थे। वहीं ढाई लाख रुपये 2021 में मई-जून में और मांगे। काम दिलाने के नाम पर तीन साल तक टालमटोल करते रहे। जब रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो 22.50 लाख रुपये के चेक दिए जो बैंक खाते में लगाते ही बाउंस हो गए। इसकी जानकारी भी उन्हें दी मगर वे टालमटोल करते रहे।
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घर पर पहुंचकर दी धमकी
अतुल कुमार के अनुसार, 19 जनवरी को गोरखपुर में आरोपी इंजीनियर पिता-पुत्र के जटेपुर उत्तरी स्थित आवास पर गया मगर वे नहीं मिले। परिवारीजनों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही रुपये दे देंगे। इसके बाद अचानक 12 फरवरी को राकेश राव उनके विनयखंड स्थित आवास पहुंचे और बातचीत के दौरान धमकी दी। राकेश के साथ साथ चार-पांच अन्य लोग भी थे। पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन इसके पहले सभी भाग गए। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, पीड़ित ठेकेदार अतुल कुमार की तहरीर पर जांच की गई। मामला सही पाया गया। कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, अमानत में ख्यानत करने, साजिश रचने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।