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मोहसिन रजा के खिलाफ मारपीट का मामला : पुलिस को अपने मातहतों की जानकारी नहीं, न्यायाधीश नाराज
Wed, 03 Feb 2021 10:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 03 Feb 2021 10:35 PM IST
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मंत्री मोहसिन रजा
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश के मंत्री मोहसिन राजा के खिलाफ दर्ज 32 साल पुराने मारपीट के मामले में पुलिस ने बुधवार को एमपीएमएलए कोर्ट को बताया कि गवाहों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। इस पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने नाराजगी जताई। उन्होंने डीजीपी व सीपी लखनऊ को पत्र लिखकर कहा कि वह गवाहों की मौैजूदा तैनाती अथवा निवास के बारे में 20 फरवरी तक न्यायालय को सूचित करें। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी मोहसिन रजा भी मौजूद थे।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि इस मामले में गवाहों की गिरफ्तारी वारंट के जरिये तलब किया गया था। परंतु थाने से बार-बार रिपोर्ट दी जा रही है कि गवाहों की वर्तमान नियुक्ति, पता, व मोबाइल नंबर की जानकारी नहीं हो पा रही है। कमिश्नर कार्यालय से भी पता किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली है। कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि सभी गवाह पुलिसकर्मी हैं। इसके बावजूद संबंधित थाने को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसी दशा में सीपी लखनऊ व डीजीपी से रिपोर्ट तलब किया जाना चाहिए कि वह दरोगा प्रदीप कौशिक व कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार की वर्तमान नियुक्ति और सेवानिवृत्ति की दशा में उनके स्थायी पता, वर्तमान पता व मोबाइल नंबर के संबंध में कोर्ट को बताए।
यह है मामला
वादी लल्लन ने 19 मई 1989 को आरोपी मोहसिन रजा व अकबर हुसैन के खिलाफ वजीरगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया है कि वादी घटना के दिन ट्रक लेकर नबीउल्लाह रोड से बड़े छत्ते पुल की ओर जा रहा था। तभी दोनों आरोपियों ने उसे ट्रक से खींचकर मारपीट की। इसमें उसे काफी चोेटें आई थीं। इस मामले में 22 फरवरी 2019 को वादी की गवाही कोर्ट ने दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस के गवाहों को बुलाया गया, लेकिन अभी तक कोई गवाह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
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कोर्ट ने आदेश में कहा कि इस मामले में गवाहों की गिरफ्तारी वारंट के जरिये तलब किया गया था। परंतु थाने से बार-बार रिपोर्ट दी जा रही है कि गवाहों की वर्तमान नियुक्ति, पता, व मोबाइल नंबर की जानकारी नहीं हो पा रही है। कमिश्नर कार्यालय से भी पता किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली है। कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि सभी गवाह पुलिसकर्मी हैं। इसके बावजूद संबंधित थाने को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसी दशा में सीपी लखनऊ व डीजीपी से रिपोर्ट तलब किया जाना चाहिए कि वह दरोगा प्रदीप कौशिक व कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार की वर्तमान नियुक्ति और सेवानिवृत्ति की दशा में उनके स्थायी पता, वर्तमान पता व मोबाइल नंबर के संबंध में कोर्ट को बताए।
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यह है मामला
वादी लल्लन ने 19 मई 1989 को आरोपी मोहसिन रजा व अकबर हुसैन के खिलाफ वजीरगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया है कि वादी घटना के दिन ट्रक लेकर नबीउल्लाह रोड से बड़े छत्ते पुल की ओर जा रहा था। तभी दोनों आरोपियों ने उसे ट्रक से खींचकर मारपीट की। इसमें उसे काफी चोेटें आई थीं। इस मामले में 22 फरवरी 2019 को वादी की गवाही कोर्ट ने दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस के गवाहों को बुलाया गया, लेकिन अभी तक कोई गवाह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
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