इस शख्स ने फर्जी कागज पर 33 साल की नौकरी!
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फैजाबाद अवध यूनिवर्सिटी में फर्जी सर्टिफिकेट का एक दिलचस्प मामला सामने आया है।
सूचना के मुताबिक, यूनिवर्सिटी में एक सेक्शन ऑफिसर ने फर्जी हाई स्कूल सर्टिफिकेट लगाकर न सिर्फ नौकरी पाई, बल्कि उसने नौकरी के 33 साल गुजार भी लिए।
यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पाया कि 1981 से नौकरी कर रहे सेक्शन ऑफिसर राम लखन पाल का हाई स्कूल सर्टिफिकेट ही फर्जी है।
आरोपी ने जमा किए डुप्लीकेट सर्टिफिकेट
राम लखन इस महीने की आखिर तक रिटायर हो जाता, लेकिन उसने कुछ महीने पहले ही सेवा विस्तार के लिए वीसी को प्रार्थनापत्र दिया था।
पाल का कहना है कि उसकी डेट ऑफ बर्थ 1958 की है, लेकिन क्लेरिकल एरर की वजह से यूनिवर्सिटी के डॉक्यूमेंट में यह 1954 लिखा है।
इतना ही नहीं, पाल ने अपने बचाव में हाई स्कूल का एक डुप्लीकेट सर्टिफिकेट यह कहकर जमा किया है कि उसका ओरिजनल सर्टिफिकेट कहीं खो गया है।
स्कूल भी निकला फर्जी
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ए.एम अंसारी ने बताया कि जब पाल के डॉक्यूमेंट्स जांच के लिए राज्य माध्यमिक शिक्षण मंडल भेजे गए तो एक पल को किसी को यकीन ही नहीं हुआ।
अंसारी ने बताया कि पाल का हाईस्कूल सर्टिफिकेट फर्जी देखकर हर कोई हैरान हो गया।
इतना ही नहीं, जिस स्कूल से सर्टिफिकेट जारी हुआ था वह स्कूल कभी बोर्ड से सम्बद्ध ही नहीं रहा। अंसारी के मुताबिक, हकीकत में वह स्कूल कहीं है ही नहीं।
धोखाधड़ी का दर्ज हुआ मुकदमा
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पाल के खिलाफ 33 साल तक अनुचित तरीके से सेक्शन ऑफिसर बने रहने, सेलरी लेने जैसे और दूसरे सरकारी लाभ लेने के आरोप में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
ए.एम अंसारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी भी इस मामले की अपने तरीके से जांच करेगी।
फैजाबाद कोतवाली के एसएचओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सेक्शन ऑफिसर के खिलाफ आपराधिक केस फाइल हो चुका है।