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ईएमआई पर प्लॉट का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगे, इस कंपनी पर दर्ज हुआ केस

Fri, 07 Sep 2018 11:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 07 Sep 2018 11:52 AM IST
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case filed against R sons infraland developers private ltd.company
डेमो - फोटो : amar ujala
लखनऊ में गोमतीनगर के विराटखंड स्थित आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालकों पर प्लॉट का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। चिनहट के कमता अवधविहार कॉलोनी निवासी शिरोमणि पाठक ने करीब 5000 लोगों को ठगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
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पाठक का कहना है कि कंपनी संचालकों ने आसान मासिक किस्तों (ईएमआई) पर प्लॉट की योजना शुरू कर उनके अलावा अन्य लोगों से 65 से 70 करोड़ रुपये जमा कराए। अब कंपनी संचालक प्लॉट दे रहे हैं न ही रुपया लौटा रहे हैं। 
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प्रभारी निरीक्षक देवी प्रसाद तिवारी ने बताया पीड़ित शिरोमणि पाठक एक निजी कंपनी में मार्केटिंग का काम देखते हैं। उन्होंने आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स कंपनी के गोसाईंगंज में रहमतनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास जीवनदीप, प्रखर सिटी एक, प्रखर सिटी दो में भूखंड के विज्ञापन देखकर कार्यालय में संपर्क किया।
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वहां शिरोमणि पाठक की मुलाकात कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव व अंकुर श्रीवास्तव के अलावा तरुण सिन्हा व कार्यालय अधीक्षक तरन्नुम से हुई। कंपनी संचालकों ने देवा रोड पर बड़ी टाउनशिप बनाने के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वह एकमुश्त व ईएमआई पर प्लॉट बेचेंगे। 

छह साल की किस्त और फिर प्लॉट पर कब्जे का वादा 

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ईएमआई पर प्लॉट लेने वालों के लिए उन्होंने छह साल की योजना पर चर्चा की। शिरोमणि पाठक ने देवा रोड स्थित प्रखर सिटी वन योजना में 1000 वर्ग फुट का एक भूखंड बुक कराया, जिसकी कीमत 216000 रुपये बताई गई थी। जनवरी 2012 से उन्होंने प्लॉट की 3000 रुपये प्रति महीने की किस्त जमा करनी शुरू कर दी।

शिरोमणि ने कंपनी संचालकों के झांसे में आकर अपने रिश्तेदार नरोत्तम, राजीव, आजमगढ़ निवासी मनोज और सुनील मिश्रा सहित अन्य परिचितों की भी रकम लगवा दी। किसी ने एक प्लॉट तो किसी ने दो प्लॉट बुक कराए व ईएमआई देनी शुरू कर दी।

प्लॉट किसी को नहीं मिला। शिरोमणि का कहना है कि उन्होंने व रिश्तेदारों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आशीष व अंकुर जान से मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने मंगलवार संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी व जान की धमकी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

दो महीने पहले हंगामा होने पर दिए चेक भी हो गए बाउंस
प्लॉट या अपने रुपयों की मांग कर रहे पीड़ितों ने दो महीने पहले कंपनी के कार्यालय में हंगामा भी किया था। शिरोमणि पाठक ने बताया कि आशीष और अंकुर श्रीवास्तव को पकड़कर पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कंपनी संचालकों ने नवीन कुमार सिंह और अलंकार सिन्हा समेत कई लोगों को चेक दिए थे। हालांकि, सभी के चेक बाउंस हो गए।

45 बीघा में बननी थी टाउनशिप पर जमीन पांच बीघा भी नहीं

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कंपनी ने कुछ लोगों को प्लॉट पर कब्जा दिया, लेकिन रजिस्ट्री में आनाकानी कर रहे। आवंटन कहीं और रजिस्ट्री किसी और प्लॉट की कराने का दबाब बना रहे। महानगर की वायरलेस कॉलोनी निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें गाटा संख्या 57 में कब्जा दिया जा रहा है और गाटा संख्या 60 की रजिस्ट्री कराने का दबाव डाला जा रहा है।

उन्होंने इनकार करते हुए अपने रुपये वापस मांगे तो कंपनी के लोगों ने धमकाना शुरू कर दिया। शिरोमणि पाठक ने करोड़ों रुपये हड़पकर कंपनी संचालक आशीष और अंकुर के विदेश भागने की आशंका जताई है। उन्होंने गोमतीनगर पुलिस से दोनों के पासपोर्ट जब्त करने की मांग की है।

शिरोमणि का कहना है कि कंपनी संचालकों ने देवा रोड पर 45 बीघा जमीन पर टाउनशिप बनाने की बात कही थी। हालांकि, उनके पास पांच बीघा भी जमीन नहीं है। ठगी का अहसास होने पर वह देवा रोड स्थित साइट पर गया तो वहां खेत ही खेत नजर आए। उसने किसानों से टाउनशिप के बारे में पूछा तो उन्होंने जानकारी से इनकार कर दिया।

...ताकि आप न आएं झांसे में
संपत्ति खरीदने से पहले इन सवालों के जवाब जरूर पता करें
- क्या रेरा में प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराया गया?
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