मुलायम पर दर्ज हुई FIR पर नहीं किया गया खुलासा
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सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकाने के मामले में हजरतगंज पुलिस ने हफ्ता भर पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली थी।
ठाकुर के प्रार्थनापत्र पर सीजेएम सोमप्रभा ने 14 सितंबर को हजरतगंज पुलिस को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया था, लेकिन पुलिस टालती रही। इस बीच उसने गुपचुप एफआईआर दर्ज कर ली।
उधर, ठाकुर के बार-बार पूछने पर भी पुलिस ने एफआईआर के बारे में नहीं बताया तो उन्होंने फिर से कोर्ट को प्रार्थनापत्र देकर मामले की प्रगति रिपोर्ट तलब करने की गुजारिश की। कोर्ट ने बीते दिन हजरतगंज पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी जिसके जवाब में बृहस्पतिवार दोपहर इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल सिंह यादव ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ 24 सितंबर को अपराध संख्या 562/2015 के तहत धारा 506 में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी।
इससे पहले सुबह करीब ग्यारह बजे अमिताभ ठाकुर हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने एफआईआर के बारे में पूछा तो इंस्पेक्टर ने कोर्ट में अपना जवाब देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। शाम करीब पांच बजे कोर्ट से एफआईआर दर्ज होने की सूचना मिलने पर ठाकुर धरने से उठे।
नहीं दी एफआईआर की कॉपी
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी हजरतगंज पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को इसकी कॉपी नहीं दी। इंस्पेक्टर ने कहा कि कॉपी उन्हें कोर्ट से ही मिलेगी। इसके बाद ठाकुर सीधे डीजीपी ऑफिस पहुंचे।
वहां डीजीपी जगमोहन यादव के बाहर होने पर उन्होंने कार्यवाहक डीजीपी भावेश कुमार सिंह को एफआईआर की कॉपी दिलाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।
83 दिन से चल रहा मामला
निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर के मुताबिक मुलायम सिंह यादव ने गत 10 जुलाई को उन्हें फोन कर धमकाया था। उस वक्त वह जवाहर भवन स्थित सिविल डिफेंस के ऑफिस में अपने कक्ष में बैठे थे।
11 जुलाई को वे मुलायम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने हजरतगंज कोतवाली पहुंचे जहां पुलिस ने प्रार्थनापत्र लेकर उन्हें टरका दिया। इस पर उन्होंने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था।