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पारिवारिक लाभ योजना घोटाले में 98 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई दर्ज
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पारिवारिक लाभ योजना घोटाले में 98 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। (तस्वीर प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का अनुदान लेने के लिए घर के कमाऊ मुखिया का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वालों पर प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया है।
राजस्व लिपिक की तहरीर पर सरोजनीनगर थाने में दो मध्यस्थ सहित 98 लोगों पर जाली दस्तावेज तैयार करने, गिरोह बनाकर सरकारी धन हड़पने व जालसाजी जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इनमें दो मध्यस्थ के अलावा 21 वह फर्जी लाभार्थी हैं जो जीवित हैं, लेकिन फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र आदि दस्तावेज लगाकर उन्होंने 30 हजार रुपये प्रति व्यक्ति सहायता प्राप्त कर ली है।
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वहीं, आठ ऐसे लोग हैं जिन्होंने मृतक मुखिया की मृत्यु की तारीख गलत बताकर सहायता प्राप्त की। इसके अलावा 67 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने जाली दस्तावेज लगाकर आवेदन किया था, लेकिन जांच में पकड़े जाने पर उनकी सहायता रोक दी गई।
अनुदान लेने के लिए सरोजनीनगर क्षेत्र में हुए इस खेल का खुलासा अमर उजाला ने किया था। इस क्रम में पहली खबर बीती 21 जुलाई को ‘पति जिंदा, मगर 30 हजार के लिए महिलाओं को दिखा दिया विधवा’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी।
उसमें बताया गया था कि कैसे 29 लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र से अनुदान हड़प लिया। उसके बाद 25 जुलाई को 67 और आवेदक गड़बड़ मिलने की खबर प्रकाशित की गई थी।
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर महेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की रिपोर्ट राजस्व लिपिक मयंक शुक्ला द्वारा दी गई तहरीर पर दर्ज की गई है।
तहरीर के अनुसार प्रथम दृष्टया पूरे खेल में गौरीशंकर खेड़ा मजरा कुरौनी निवासी सहजराम पुत्र राम खेलावन रावत और हमीरपुर मजरा बंथरा निवासी भगौती शर्मा पुत्र राजाराम मास्टरमाइंड हैं।
इन्होंने ही जाली अभिलेख तैयार किए, जिस पर 29 लोगों ने 30-30 हजार रुपये का सरकारी अनुदान गलत ढंग से हासिल कर लिया। इसके अलावा जिन 67 लोगों की सहायता रोकी गई है, उनके दस्तावेज भी सहजराम व भगौती शर्मा द्वारा तैयार किए गए।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि अमर उजाला में यह घोटाला प्रकाशित होने के बाद सरोजनीनगर एसडीएम को मामले में जांच कर रिपोर्ट लिखाने व पूरी जानकारी से अवगत कराने के निर्देश प्रशासन ने दिए थे।
21 फर्जी लाभार्थियों की सूची
रामप्रकाश, बराती, धर्मवीर, राजोल, शंकर, रामकुमार, सत्यप्रकाश, रज्जन, विनोद कुमार, भाईलाल, अमृतलाल, भगौती, छंगा, मो. इदरीस, रामचंद्र, मन्नू, संगीत, विवेक कुमार, राजेंद्र कुमार, सुजीत व राजू
इन आठ लोगों ने भी लिया अनुदान
माया देवी, रामरती, देवी, शिवपती, श्याम रानी, श्यामवती, बताशा, पियारी।
इन 67 के आवेदन में लगे फर्जी दस्तावेज
माधुरी, रामपती, रीना, नेहा, इंदाना, सावित्री, शांती, विराजा, केशकली, ममता, पूनम, निशरत जहां, माया, सन्नो देवी, माधुरी देवी, रामपती, धन्नो, जगदीश कुमार रावत, कंचन प्रजापति, रामदुलारी, रामदेयी, रूपा, शशी प्रजापति, फूलकली, लक्ष्मी, सावित्री, सुधा धीमान, सोभना, विनीता, रामकली, अंजू, लक्ष्मी, संतोषा देवी, रामावती, रामरती, श्यामा, विद्यावती, छंगू, सुनीता, रामकली, कमला, रेखा, धन्नो, विनोद कुमारी, राजकुमारी, रेनू देवी, मीनू, रिंकी शर्मा, शशी, पार्वती, विजयलक्ष्मी, किस्मत, सुरेंद्र, विलासा, शकुंतला, विशुना, नाजिया बानो, पुष्पा, पूनम, अनीता, रमजाना, सुमन, सीमा, ममता देवी, जगदीश, नन्हे राम, अब्दुल मजीद।
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राजस्व लिपिक की तहरीर पर सरोजनीनगर थाने में दो मध्यस्थ सहित 98 लोगों पर जाली दस्तावेज तैयार करने, गिरोह बनाकर सरकारी धन हड़पने व जालसाजी जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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इनमें दो मध्यस्थ के अलावा 21 वह फर्जी लाभार्थी हैं जो जीवित हैं, लेकिन फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र आदि दस्तावेज लगाकर उन्होंने 30 हजार रुपये प्रति व्यक्ति सहायता प्राप्त कर ली है।
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वहीं, आठ ऐसे लोग हैं जिन्होंने मृतक मुखिया की मृत्यु की तारीख गलत बताकर सहायता प्राप्त की। इसके अलावा 67 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने जाली दस्तावेज लगाकर आवेदन किया था, लेकिन जांच में पकड़े जाने पर उनकी सहायता रोक दी गई।
अनुदान लेने के लिए सरोजनीनगर क्षेत्र में हुए इस खेल का खुलासा अमर उजाला ने किया था। इस क्रम में पहली खबर बीती 21 जुलाई को ‘पति जिंदा, मगर 30 हजार के लिए महिलाओं को दिखा दिया विधवा’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी।
उसमें बताया गया था कि कैसे 29 लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र से अनुदान हड़प लिया। उसके बाद 25 जुलाई को 67 और आवेदक गड़बड़ मिलने की खबर प्रकाशित की गई थी।
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर महेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की रिपोर्ट राजस्व लिपिक मयंक शुक्ला द्वारा दी गई तहरीर पर दर्ज की गई है।
तहरीर के अनुसार प्रथम दृष्टया पूरे खेल में गौरीशंकर खेड़ा मजरा कुरौनी निवासी सहजराम पुत्र राम खेलावन रावत और हमीरपुर मजरा बंथरा निवासी भगौती शर्मा पुत्र राजाराम मास्टरमाइंड हैं।
इन्होंने ही जाली अभिलेख तैयार किए, जिस पर 29 लोगों ने 30-30 हजार रुपये का सरकारी अनुदान गलत ढंग से हासिल कर लिया। इसके अलावा जिन 67 लोगों की सहायता रोकी गई है, उनके दस्तावेज भी सहजराम व भगौती शर्मा द्वारा तैयार किए गए।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि अमर उजाला में यह घोटाला प्रकाशित होने के बाद सरोजनीनगर एसडीएम को मामले में जांच कर रिपोर्ट लिखाने व पूरी जानकारी से अवगत कराने के निर्देश प्रशासन ने दिए थे।
21 फर्जी लाभार्थियों की सूची
रामप्रकाश, बराती, धर्मवीर, राजोल, शंकर, रामकुमार, सत्यप्रकाश, रज्जन, विनोद कुमार, भाईलाल, अमृतलाल, भगौती, छंगा, मो. इदरीस, रामचंद्र, मन्नू, संगीत, विवेक कुमार, राजेंद्र कुमार, सुजीत व राजू
इन आठ लोगों ने भी लिया अनुदान
माया देवी, रामरती, देवी, शिवपती, श्याम रानी, श्यामवती, बताशा, पियारी।
इन 67 के आवेदन में लगे फर्जी दस्तावेज
माधुरी, रामपती, रीना, नेहा, इंदाना, सावित्री, शांती, विराजा, केशकली, ममता, पूनम, निशरत जहां, माया, सन्नो देवी, माधुरी देवी, रामपती, धन्नो, जगदीश कुमार रावत, कंचन प्रजापति, रामदुलारी, रामदेयी, रूपा, शशी प्रजापति, फूलकली, लक्ष्मी, सावित्री, सुधा धीमान, सोभना, विनीता, रामकली, अंजू, लक्ष्मी, संतोषा देवी, रामावती, रामरती, श्यामा, विद्यावती, छंगू, सुनीता, रामकली, कमला, रेखा, धन्नो, विनोद कुमारी, राजकुमारी, रेनू देवी, मीनू, रिंकी शर्मा, शशी, पार्वती, विजयलक्ष्मी, किस्मत, सुरेंद्र, विलासा, शकुंतला, विशुना, नाजिया बानो, पुष्पा, पूनम, अनीता, रमजाना, सुमन, सीमा, ममता देवी, जगदीश, नन्हे राम, अब्दुल मजीद।