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भ्रष्टाचार में फंसे गायत्री प्रसाद, केस दर्ज

Sat, 31 Jan 2015 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 31 Jan 2015 10:04 AM IST
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case against gayatri prasad.

प्रारंभिक परीक्षण में सूबे के भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति जुटाने के पुख्ता सुबूत मिलने के बाद लोकायुक्त ने केस दर्ज कर औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है।

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शुक्रवार को लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने जांच शुरू करने की सूचना मुख्यमंत्री को भेज दी है। प्रारंभिक परीक्षण में गायत्री की सफाई से संतुष्ट नहीं होने के बाद लोकायुक्त ने जांच करने का फैसला किया है।
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प्रारंभिक परीक्षण में लोकायुक्त ने गायत्री के परिजनों को नोटिस भेजकर संपत्तियों के बारे में सफाई मांगी थी, लेकिन लखनऊ से लेकर अमेठी तक किसी भी पते पर नोटिस रिसीव नहीं किए गए।
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तब लोकायुक्त ने सीधे गायत्री को नोटिस जारी कर सफाई मांगी। गायत्री ने 27 जनवरी को अपना जवाब दाखिल किया। इस दौरान कुछ गवाहों ने लोकायुक्त के  समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखा।

मंत्री बनने के बाद हुए मालामाल

case against gayatri prasad.

गायत्री और उनके परिजनों की कई कंपनियों, बेशकीमती संपत्तियों तथा मंत्री पद के दुरुपयोग से संबंधित कई अहम साक्ष्य मिलने के बाद लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी।

गायत्री के खिलाफ प्रतापगढ़ के ओम शंकर द्विवेदी, लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर व सोनभद्र जिले के चौ. यशवंत सिंह ने लोकायुक्त से अलग-अलग शिकायतें की थीं।

हालांकि ओम शंकर ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली थी, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लोकायुक्त ने अपनी जांच में शामिल किया है।

गायत्री पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री बनने के बाद उन्होंने 942.57 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई। शिकायतकर्ता के अनुसार 2012 के विधानसभा चुनाव में गायत्री ने अपनी संपत्ति 1.81 करोड़ रुपये घोषित की थी।

अवैध खनन के भी आरोप

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मंत्री बनने के ढाई साल के भीतर उन्होंने लखनऊ व अमेठी में ही खुद, अपने परिजनों, रिश्तेदारों, करीबियों के नाम से अरबों की जमीन खरीदी है।

इन जमीनों कीमत 942 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई है।

आरोप है कि गायत्री ने ये संपत्तियां खुद के अलावा अपनी पत्नी महराजी देवी, बेटे अनिल व अनुराग, महिला मित्र गुड्डा, ड्राइवर रामराज व राम सहाय तथा अन्य लोगों के नाम पर खरीदी है।

सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सीधे मंत्री के संरक्षण में पूरे प्रदेश में अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने अवैध खनन में लगे कई सिंडीकेट और इसमें शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों का ब्यौरा भी लोकायुक्त को दिया है।

मुख्यमंत्री को भेजी गई सूचना

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राबर्ट्सगंज के चौ. यशवंत सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि सोनभद्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। खनन वाहनों से वीआईपी शुल्क के नाम पर धड़ल्ले से वसूली हो रही है।

यहां से पूर्वी यूपी के 20 जिलों को बालू की सप्लाई होती है। हर ट्रक से वीआईपी शुल्क वसूला जाता है। हर महीने लगभग 12 करोड़ रुपये की वसूली की जा रही है।

लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा का कहना है, गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ औपचारिक रूप से परिवाद दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।

इसकी सूचना मुख्यमंत्री को भी भेज दी गई है। प्रजापति के जवाब का अध्ययन करके इस मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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