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लखनऊ जिला अदालत की सुरक्षा में हो रही लापरवाही, आतंकी संगठन दे सकते हैं बड़ी वारदात को अंजाम

Sat, 25 Aug 2018 04:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 25 Aug 2018 04:20 PM IST
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carelessness in lucknow district court
कोर्ट के बाहर लगे सुरक्षा उपकरण किनारे पड़े हैं - फोटो : amarujala
लखनऊ में जिला अदालत की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वर्ष 2007 में लखनऊ, फैजाबाद और वाराणसी के कचहरी में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद शासन स्तर पर अदालतों की सुरक्षा की कवायद शुरू हुई थी। लेकिन वक्त के साथ सुरक्षा की गंभीरता को भूला दिया गया।
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जबकि बीती 23 अगस्त को ही लखनऊ की विशेष अदालत ने कचहरी ब्लास्ट मामले में दो आतंकियों को दोषी ठहराया है। इसके बाद से लोगों में चर्चा है कि हूजी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन अदालतों की सुरक्षा में चूक का फायदा उठाकर बदला लेने के लिए फिर से बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। 
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लखनऊ की जिला अदालत में आने-जाने के लिए मुख्यत: चार गेट हैं, इससे प्रतिदिन लगभग छह हजार लोग आते-जाते हैं। वर्तमान में इन चारों गेट पर लगे मेटल डिटेक्टर टूटे हुए हैं तो सुरक्षाकर्मी भी दूर-दूर तक नजर नहीं आते हैं।
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ऐसे में यहां किसी अप्रिय घटना को रोक पाना संभव नहीं होगा। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष मलय सिंह ने बताया कि लखनऊ जिला अदालत की सुरक्षा जिला जज कोर्ट के बाहर और सीजेएम के साथ ही दिखती है, बाकी परिसर की सुरक्षा भगवान के भरोसे है।

सुरक्षाकर्मी ही नहीं दिखते और मेटल डिटेक्टर गए टूट

carelessness in lucknow district court
कोर्ट के बाहर लगे सुरक्षा उपकरण किनारे पड़े हैं - फोटो : amarujala
गेट नंबर 3 के पास बैठने वाले वकील राकेश कुमार व धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले तक इस गेट से आने-जाने वालों के बैग व हथियारों की चेकिंग होती थी, इससे अपराधी प्रवेश नहीं करते थे।
मगर वर्तमान में सुरक्षाकर्मी ही नहीं दिखते तो चेकिंग कौन करे।

सेंट्रल बार के पूर्व संयुक्त सचिव ध्रुव कुमार सिंह ने बताया कि कचहरी विस्फोट मामले में आतंकियों को दोषी ठहराए जाने के बाद अब राजधानी समेत अन्य अदालतों की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है। वहीं, वकील शैलेंद्र यादव ने कहा कि पूर्व में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए परिसर में सीसीटीवी, गेट पर मेटल डिटेक्टर और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ ही सुरक्षाकर्मी गायब हो गए और मेटल डिटेक्टर टूट गए हैं। 
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