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विधानसभा में मिले विस्फोटक की फोरेंसिक जांच में जबरदस्त लापरवाही, अफसर नहीं दे पा रहे जवाब
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 19 Jul 2017 10:09 AM IST
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आईजी एटीएस असीम अरुण
- फोटो : amar ujala
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यूपी विधानसभा में मिले जिस सफेद पाउडर को खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन बताया गया उसकी जांच में प्रशासन की जबरदस्त लापरवाही सामने आई है। अब हाल ये है कि अफसरों को कोई जवाब नहीं सूझ रहा है।
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13 जुलाई को विधानसभा में संदिग्ध पदार्थ मिलने के बाद जांच के लिए कथित विस्फोटक को महानगर फारेंसिक लैब को भेज दिया गया था। सूत्रों का दावा है कि इस लैब में कभी इस तरह का परीक्षण किया ही नहीं गया। इसके लिए सैंपल आगरा भेजा जाता रहा है।
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वहीं मामले पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा है कि आगरा जांच के लिए कोई सैंपल भेजा ही नहीं गया। वहीं, यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण का कहना है कि विस्फोटक पर अभी तक हमें कोई रिपोर्ट मिली ही नहीं है और न ही इसे जांच के लिए आगरा भेजा गया था।
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असीम अरुण ने बताया कि इस तरह के मामलों में जांच एजेंसियां अलग अलग लैब से जांच कराती हैं। अगर एक दो दिन में एनआईए ने जांच टेकअप नहीं की तो एटीएस पाउडर का सैंपल जांच कराने के लिए दूसरी लैब में भेजेगी।
उन्होंने बताया मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदेश के गृह विभाग की ओर से एनआईए से जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी गई थी। लेकिन अभी केंद्र की ओर से इसपर आगे की कार्रवाई नहीं की गई है। कुल मिलाकर संदिग्ध पदार्थ की जांच में प्रशासन की जबरदस्त लापरवाही सामने आई है। इस पर अफसरों को कोई जवाब नहीं सूझ रहा है।