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Lucknow News: मैन्युफैक्चरिंग के मुकाबले सर्विस सेक्टर कंपनियों को खूब भा रही राजधानी

Wed, 16 Oct 2024 05:41 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 05:41 AM IST
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Capital is more appealing to service sector companies than manufacturing.
लखनऊ। राजधानी और आसपास का इलाका सर्विस सेक्टर की कंपनियों के लिए काफी मुफीद साबित हो रहा है। बेहतर कमाई के साथ सर्विस सेक्टर की कंपनियां, केंद्र व राज्य सरकारों को मोटा राजस्व भी मुहैया करा रही हैं। सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली पांच टॉप कंपनियों में ऊपर की तीन कंपनियां टेलिकॉम, बैंकिंग एंड फाइनेंस व इंश्योरेंस सर्विस सेक्टर की हैं, जबकि चौथे और पांचवें नंबर पर मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) सेक्टर की पान मसाला व ऑटो स्पेयर पार्ट्स की हैं।
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लखनऊ में ज्यादातर बड़ी कंपनियां केंद्र सरकार के सीजीएसटी विभाग तो छोटी कंपनियां राज्य के एसजीएसटी विभाग के तहत पंजीकृत हैं। किसी भी कंपनी को अपनी कमाई का तय हिस्सा दोनों विभागों में अलग-अलग कर (टैक्स) के रूप में जमा करना होता है। सीजीएसटी कमिश्नरेट कार्यालय व एसजीएसटी के लखनऊ जोन समेत दोनों विभागों को मिलने वाला 40 फीसदी से ज्यादा राजस्व सर्विस सेक्टर की कंपनियों का है।
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राज्य जीएसटी विभाग के लखनऊ जोन वन में अपर आयुक्त कैलाश नाथ व जोन टू के अपर आयुक्त राजेश पांडेय के मुताबिक सर्विस सेक्टर की टेलिकॉम, बैंकिंग व फाइनेंस, इंश्योरेंस, कॉन्ट्रैक्ट वर्क्स, गोमतीनगर स्थित बिल्डर कंपनियां, ब्रिज कॉर्पोरेशन समेत आईटी सेक्टर से सबसे ज्यादा राजस्व मिल रहा है।
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जबकि, इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 30 प्रतिशत पान मसाला, तंबाकू उत्पाद और फिर शहर से सटे चिनहट स्थित टाटा मोटर्स के मोटर व्हीकल पार्ट्स बनाने वाली यूनिट से मिलता है। वहीं, तीसरे नंबर पर ऑटोमोबाइल डीलर्स, सरकारी कर्मचारी व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की ट्रेडिंग से मिल रहा है।




केंद्र सरकार के सीजीएसटी विभाग में 30 प्रतिशत तो राज्य सरकार के जीएसटी विभाग में 70 प्रतिशत कंपनियां पंजीकृत हैं। लेकिन, बड़ी कंपनियों की वजह से सीजीएसटी को सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है। पिछले पांच साल में सीजीएसटी में करदाताओं की संख्या भी 50 फीसदी तक बढ़ी है।





सीजीएसटी लखनऊ कमिश्नरेट के प्रधान आयुक्त केपी. सिंह ने बताया कि विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व सर्विस सेक्टर कंपनियों से मिल रहा है। इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का नंबर है। सीजीएसटी के राजस्व में साल दर साल इजाफा हो रहा है। अकेले 2023-24 के वित्तीय वर्ष में ही सीजीएसटी को 8,400 करोड़ का राजस्व मिला। जोकि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 1,292 करोड़ रुपया ज्यादा है।


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