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70 फीसदी मरीजों को है महज ‘शक का कैंसर’
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
Updated Fri, 20 Dec 2013 01:47 AM IST
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अगर आपके शरीर के किसी हस्से में लंबे समय से गांठ बनी हुई है। लंबे समय से अल्सर की समस्या है। लीवर का साइज बढ़ा हुआ है। तो यह कैंसर हो सकता है।
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बृहस्पतिवार को मुंबई स्थित भक्तिवेदांता अस्पताल की मदद से अमर उजाला ने निशुल्क कैंसर जांच शिविर का आयोजन गोमतीनगर स्थित मैट्रो हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में किया था।
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इसमें पहुंचे मरीजों की जांच में ये दिक्कतें मिलने पर उन्हें बायोप्सी की सलाह दी गई। करीब 70 प्रतिशत मरीजों को खुद पर शक था कि वह कैंसर की चपेट में हैं।
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शिविर का उद्घाटन रिटायर्ड आर्मी मेडिकल कॉर्प्स ऑफिसर कर्नल एसएफए आबिदी और मैट्रो हॉस्पिटल के मुख्य प्रबंधक डॉ. आतिफा सिद्दकी सलाउद्दीन ने किया।
शिविर में कुल 84 मरीजों ने जांच कराई। इनमें से ज्यादातर में कैंसर का कारण तंबाकू का सेवन करना था। भक्तिवेदांता के डॉ. विष्णुमोहन ने बताया कि शिविर में 70 प्रतिशत लोग ऐसे रहे जिन्हें शक तो था।
बावजूद उन्होंने कैंसर की जांच नहीं कराई थी। इनमें से 80 प्रतिशत तक लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे थे। दूसरे नंबर पर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के मामले आए।
कुल मरीजों में एक तिहाई महिलाएं रहीं। वहीं, 10-15 प्रतिशत मामलों में लोग ऑपरेशन करा चुके थे। बावजूद उन्हें शक था कि कैंसर दुबारा से पैदा हो गया है।
शिविर के बीच डॉ. विष्णु ने गंभीर मरीजों की जांच वीडियोकांफ्रेंसिंग की मदद से की। शिविर में भक्तिवेदांता के नेत्रपाल भी मौजूद रहे।
इसके अलावा मैट्रो हॉस्पिटल के प्रबंधक कैप्टन आमिर इसलाही, मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. फहद इसलाही, प्रबंधक अमित द्विवेदी का भी सहयोग रहा।