फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Campaign against power theft in Lucknow

500 रुपये महीना लेकर करवा रहे है बिजली चोरी, लेसा को हर माह लग रही करोड़ों की चपत

Wed, 04 Jul 2018 01:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 04 Jul 2018 01:57 PM IST
विज्ञापन
Campaign against power theft in Lucknow
चोरी की बिजली से रोशन दुकान - फोटो : amar ujala
केस- 1
विज्ञापन

चोरी की बिजली से ढाबा रोशन

हनुमान सेतु उपकेंद्र के वीआईपी इलाके में लाइनमैन ने एक ढाबे को सीधे केबल से रोशन कर दिया है। इसके बदले हर महीने 500 रुपये ‘सुविधा शुल्क’ देकर ढाबावाला चोरी की बिजली से डीप फ्रीजर तक चलाता है। खास बात तो यह है कि जिस रोड पर यह ढाबा है, उसके सामने से सुबह से शाम तक पावर कॉर्पोरेशन के आला अफसरों का आना-जाना लगा रहता है। हालांकि अभियान के दौरान कभी इस ढाबे की बिजली चोरी नहीं पकड़ी जा सकी।

केस- 2
100 बिजली चोरोें से हर माह उगाही
अहिबरनपुर, डालीगंज इक्का स्टैंड उपकेंद्र इलाके में संविदा कर्मचारी नियोजित तरीके से बिजली चोरी करा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा वे लोग शामिल हैं, जिन्हें अभियान के दौरान बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर पुलिस में एफआईआर तक दर्ज कराई गई। लेकिन इंजीनियरों के चहेते हर माह इन 100 बिजली चोरों से 500 रुपये की उगाही कर रहे हैं।  
विज्ञापन


लखनऊ में तीन महीने से लगातार बिजली चोरों के खिलाफ धरपकड़ अभियान चल रहा है। लेकिन इसमें वे नहीं पकड़े जा रहे, जिन्हें नियोजित तरीके से बिजली चोरी कराई जा रही है। गोरखधंधे में इलाकाई इंजीनियरों के संविदा कर्मचारी शामिल हैं, जो 500 रुपये महीने का ‘शुल्क’ लेकर चोरी करा रहे हैं, जिसकी बानगी ये उदाहरण हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


संविदाकर्मियों की इस कारस्तानी से लेसा को हर महीने करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली चोरी पकड़ने के अभियान में जिन इंजीनियरों एवं कर्मियोें को लगा रखा है, उनमें से ही कुछ की सांठगांठ से घर, दुकान, अपार्टमेंट, कॉम्पलेक्स में पहले से ही बिजली चोरी कराई जा रही है।

बिजली चोरी के लिए जिम्मेदार कौैन

Campaign against power theft in Lucknow
चौराहे की दुकानें भी चोरी की बिजली से जगमग - फोटो : amar ujala
टीम के ऐसे कर्मचारी या तो बिजली चोरी के साक्ष्य हटा देते या फिर जांच ही नहीं करते। जैसे आईआईएम रोड पर यादव चौराहे के आसपास 90 फीसदी लोगों के मकान एवं दुकान चोरी की बिजली से रोशन है, लेकिन यहां तक अभियान नहीं पहुंच सका। इसी प्रकार फैजुल्लागंज के गाजीपुर बलराम, घैला रोड, बहुखंडीय इमारतों में बिजली चोरी हो रही है।

लेसा के इंजीनियर अभियान के दौरान उन इलाकों में कार्रवाई नहीं कर रहे, जहां सर्वाधिक बिजली चोरी हो रही है। ऐसे  उपकेंद्र फैजुल्लागंज, आईआईएम रोड, न्यू यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज, जानकीपुरम विस्तार, बौरूमऊ, साढ़ामऊ, दुबग्गा, सरोसा, काकोरी मोड़ ( निकट एफसीआई गोदाम), आरडीएसओ, नादरगंज, उतरेठिया, गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-1, चिनहट, तालकटोरा, रेजीडेंसी हैं। इनके इलाके में चोरी की बिजली से हजारों घर, दुकान, गेस्ट हाउस रोशन हैं।

पावर कॉपोरेशन के अभियान के दौरान राजधानी में एक हजार से अधिक बिजली चोरी एवं अनियमितता के मामले पकड़ने के बाद अब तक तय नहीं कर सका कि इसके लिए दोषी कौन है। कई अपार्टमेंट, नर्सिंगहोम, कॉम्पलेक्स में बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद भी इलाकाई जूनियर इंजीनियर एवं लाइनमैन पर कार्रवाई नहीं हुई।

बिजली चोरी की शिकायतों की मॉनीटरिंग कराई जा रही है। इन्हें जल्द ही पकड़कर पुलिस केस दर्ज कराया जाएगा। वहीं, जिन पर बिजली चोरी का दर्ज हो चुका है उनसे जुर्माना असेसमेंट वसूलने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। - प्रदीप कक्कड़, मुख्य अभियंता लेसा (ट्रांस गोमती)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed