{"_id":"5f39940dd15a670a816787c1","slug":"cabinet-pays-tribute-to-chetan-chauhan-the-national-flag-will-remain-half-tilted-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैबिनेट ने दी चेतन चौहान को श्रद्धांजलि, आज आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैबिनेट ने दी चेतन चौहान को श्रद्धांजलि, आज आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज
Mon, 17 Aug 2020 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 17 Aug 2020 01:46 AM IST
विज्ञापन
चेतन चौहान
- फोटो : self
सैनिक कल्याण, होमगार्ड्स, प्रांतीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान के निधन पर रविवार को राष्ट्रीय ध्वज झुका दिया गया। रविवार शाम को ही कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया गया।
विज्ञापन
सोमवार को गढ़ मुक्तेश्वर में उनके अंतिम संस्कार के दिन हापुड़, अमरोहा और राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। उनकी अंत्योष्टि राजकीय शोक एवं पुलिस सम्मान के साथ होगी।
विज्ञापन
इस संबंध में प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। उधर, मुख्ययमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में चेतन चौहान के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंत्रिपरिषद ने दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा उनके शोक संतप्त परिजनों को शक्ति एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना भी की।
विज्ञापन
मेरठ में जन्मे थे चेतन चौहान
शोक प्रस्ताव में कहा गया कि श्री चेतन चौहान का जन्म 21 जुलाई, 1947 को मेरठ में हुआ था। वह लोकप्रिय जननेता, समर्पित समाजसेवी तथा सुप्रसिद्ध क्रिकेटर भी थे। वह भारत के एक प्रसिद्ध ओपनिंग बैट्समैन थे। वर्ष 1981 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया था। चौहान वर्ष 1991 व 1998 में अमरोहा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य चुने गए थे।
वर्ष 2017 में वे विधानसभा क्षेत्र नौगवां सादात से विधानसभा के लिए चुने गए तथा प्रदेश सरकार में मंत्री बने। मंत्री के रूप में विभागीय कार्यों को कुशलतापूर्वक निर्वहन करने में उनका योगदान अत्यधिक सराहनीय रहा है। उनका निधन सरकार एवं समाज की अपूरणीय क्षति है।