{"_id":"625bce580d99f26d125f3d90","slug":"cabinet-minister-brajesh-pathak-instructs-to-take-action-against-doctors-who-misbehave-with-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"केजीएमयू: मरीज से बदसलूकी पर सख्त हुए मंत्री ब्रजेश पाठक, मांगा जवाब, कार्रवाई करने का दिया निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केजीएमयू: मरीज से बदसलूकी पर सख्त हुए मंत्री ब्रजेश पाठक, मांगा जवाब, कार्रवाई करने का दिया निर्देश
Sun, 17 Apr 2022 01:52 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 17 Apr 2022 01:52 PM IST
सार
मरीज से बदसलूकी के मामले में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक केजीएमयू प्रशासन से जवाब मांगा है और दोषी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निरीक्षण और निर्देश किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टर-कर्मचारियों के लिए काफी साबित नहीं हो रहे हैं। यहां आने वाले मरीज और तीमारदारों को इलाज से ज्यादा इनकी दुत्कार झेलनी पड़ती है। ऐसे ही एक मामला चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने केजीएमयू प्रशासन से मामले पर जवाब मांगते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार को 45 वर्षीय महिला सरिता को न्यूरो संबंधी समस्या की वजह से लाया गया था। महिला की खून की नली फूल रही थी। हालत बिगड़ती देख तीमारदारों ने इलाज का अनुरोध किया। न्यूरो सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर अैर रेजीडेंट ने इलाज तो दूर उल्टा तीमारदारों से बदसलूकी की।
विज्ञापन
इसकी शिकायत चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक के पास पहुंच गई। इसका उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए केजीएमयू प्रशासन को फटकार लगाई। फटकार के बाद महिला का इलाज शुरू किया गया। ब्रजेश पाठक ने केजीएमयू प्रशासन से संबंधित मामले में रिपोर्ट भी तलब की है।
विज्ञापन
केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन शंखवार का कहना है कि कुछ गलतफहमी की वजह से ऐसी स्थिति आई है। महिला की खून की नली फूल रही है। उसकी सर्जरी करना संभव नहीं है। एंजियो एंबुलाइजेशन के माध्यम से ही उसका इलाज होना है। इसी की वजह से तीमारदारों को कुछ गलतफहमी हो गई। उनसे बात की गई है। वे संतुष्ट हैं और महिला का इलाज भी अच्छी तरह से हो रहा है।