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यूपी में महंगा हो सकता है पेट्रोल व डीजल!
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Thu, 31 Oct 2013 01:03 AM IST
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राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर लिए जाने वाले मूल्य संवर्धित कर (वैट) की दर बढ़ाने जा रही है।
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पेट्रोल पर 26.80 व डीजल पर 17.48 प्रतिशत वैट की वसूली का प्रस्ताव बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
इसके अलावा डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए संविदा के आधार पर शिक्षकों को रखने व अल्पसंख्यक आयोग के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे जा सकते हैं।
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शहरी परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए स्टेट डेडिकेटेड अरबन ट्रांसपोर्ट फंड का गठन किया जाना है।
इस फंड में राशि जमा करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर पर 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त वैट लिए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
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हालांकि, पहले ही कैबिनेट से इसकी मंजूरी लेने की तैयारी थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई थी।
मौजूदा समय पेट्रोल पर 26.55 तथा डीजल पर 17.23 प्रतिशत वैट लिया जा रहा है।
इसके अलावा बच्चों व बड़ों के डाइपर को वैट से हटाकर सामान्य कर की श्रेणी में लाकर 4 फीसदी कर लेने, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत महिलाओं को बांटी जाने वाली फ्री डेज ब्रांड की सेनेटरी नैपकिन को एक साल के लिए कर मुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है।
सिनेमा हॉलों के रख-रखाव के लिए लगने वाले मेंटेनेंस शुल्क को 3 से बढ़ाकर 6 रुपये करने और वातानुकूलित चार्ज 1 से बढ़ाकर 3 रुपये करने का भी प्रस्ताव है।
इसी तरह डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर शिक्षकों को रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।
राज्य संपत्ति विभाग के स्वागती, स्टोर कीपर, टेलीफोन ऑपरेटर, शासकीय अधिवक्ता कार्यालय के टेलीफोन ऑपरेटर के अलावा वन विभाग के कर्मियों को वेतन समिति की सिफारिशों के अनुसार लाभ देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
अल्पसंख्यक आयोग के पुनर्गठन का प्रस्ताव
इसके अलावा अल्पसंख्यक आयोग के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जाने की संभावना है।
आयोग में एक अध्यक्ष व सात सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान किया जा रहा है। अखिलेश सरकार मायावती सरकार में बनाए गए 20 सदस्यीय जंबोजेट आयोग को आठ सदस्यीय करने जा रही है।
कैबिनेट में प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष पद पर सरकार किसी अल्पसंख्यक नेता की ताजपोशी कर देगी।
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