कैबिनेट मीटिंग में CM ने लगाई इन फैसलों पर मुहर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ही जिले में छह साल और मंडल में दस साल से जमे समूह ‘क’ व ‘ख’ के अफसरों का तबादला किया जाएगा।
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने नई तबादला नीति 2014-15 को मंजूरी दे दी। हालांकि दस फीसदी अफसरों का ही तबादला किया जा सकेगा।
यही नहीं तबादले की प्रक्रिया हर हाल में 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। तबादला नीति में जरूरत के आधार पर संशोधन का अधिकार मुख्यमंत्री के पास रहेगा।
कार्मिक विभाग जैसे ही स्थानांतरण नीति का शासनादेश जारी करेगा, तबादले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सेवानिवृत्त होने में दो वर्ष बाकी रहने वालों को फायदा
स्थानांतरण अवधि निर्धारण के लिए कटऑफ डेट 31 मार्च 2014 रखी गई है। नि:शक्तों को इस तबादला नीति से मुक्त रखा गया है।
हालांकि मुख्यमंत्री जनहित व प्रशासनिक दृष्टिकोण से कभी भी किसी के तबादले का आदेश दे सकेंगे।
सेवानिवृत्त होने में दो वर्ष बाकी रहने वाले समूह ‘ग’ के कर्मचारी को उसके गृह जिले व समूह ‘क’ और ‘ख’ के कर्मचारी को उसके मनपसंद जिले में तैनाती दी जाएगी, बशर्ते उसका गृह जिला नहीं होना चाहिए।
वैट बढ़ा, पेट्रोल 15 व डीजल 13 पैसे महंगा
प्रदेश में शहरी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में सुधार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया है। राज्य सरकार ने इन दोनों उत्पादों पर 0.25 प्रतिशत वैट बढ़ाने का निर्णय किया है।
इससे पेट्रोल 15 और डीजल 13 पैसे महंगा होने का अनुमान है।
इससे होने वाली आय को डेडिकेटेड अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड में रखा जाएगा और उसे शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा।
यूपी सड़क सुरक्षा कोष नियमावली को मंजूरी
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए सरकार ने उत्तर प्रदेश सड़क सुरक्षा नीति बनाने का फैसला किया है।
इसके साथ ही राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के पुनर्गठन तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का भी निर्णय किया गया है।
उच्चाधिकार प्राप्त समिति सचिवालय के रूप में काम करेगी जिसके लिए परिवहन आयुक्त कार्यालय में सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी।
परिवहन विभाग द्वारा वाहनों से वसूले किए जाने वाले जुर्माने की 50 फीसदी राशि सड़क सुरक्षा कोष में जमा कराई जाएगी।
गृह जिले में तैनात नहीं होंगे सिपाही-दीवान
सूबे में सिपाही और दीवान अब अपने गृह जिले या उसके नजदीक के जिले में तैनात नहीं हो पाएंगे।
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की तैनाती उन जनपदों में भी नहीं की जाएगी, जहां उनके नाम से अचल संपत्ति है।
पुलिसकर्मियों की तबादला नीति में संशोधन पर मंगलवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी। सरकार का कहना है कि राज्य की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जानकारों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी ने निचले स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों को उनके गृह जिले या समीप के जिले में तैनात करने का वादा किया था।
चुनाव के बाद सत्ता संभालने के साथ ही सपा सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया था।
बजट मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट मसौदे को मंजूरी दे दी।
आम बजट में कई योजनाओं का स्वरूप बदले जाने के संकेत हैं।
प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव के पहले वित्तीय वर्ष 2014-15 के चार महीने के आवश्यक कामकाज के लिए लेखानुदान पास कराया था।
अब सरकार ने बदले माहौल में पूर्ण बजट तैयार कराया है। वित्त विभाग ने बजट मसौदे को मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजा था।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने मसौदे को मंजूरी दे दी है। 21 जून को विधानमंडल सत्र के दौरान बजट पेश किया जा सकता है।