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बहन को मैसेज भेजकर सीए इंटर्न ने फांसी लगाकर जान दी, लिखा...

Mon, 10 Jul 2017 02:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 10 Jul 2017 02:47 PM IST
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CA intern commits suicide in lucknow
डेमो प‌िक

लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में सीए इन्टर्न देवेश त्रिपाठी (23) ने शनिवार देर रात मोबाइल फोन पर सुसाइड नोट लिखकर बहन को मैसेज भेजा और कमरे में पंखे से चादर का फंदा कसकर फांसी लगा ली। 

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सवेरे जागी बहन ने मैसेज पढ़कर पिता को कॉल की। माता-पिता इकलौते बेटे के कमरे की तरफ दौड़े। वहां शव लटका था। पुलिस को कॉल की। छानबीन के बाद पुलिस ने पिता के अनुरोध पर बगैर पोस्टमार्टम के शव उन्हें सौंप दिया। 
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पुलिस के मुताबिक, हुसैनगंज के लालकुआं स्थित बांकेलाल निगम लेन निवासी देवेश त्रिपाठी (23) ने शनिवार रात 1:54 बजे अपनी बड़ी बहन स्वाति को मैसेज भेजा। उसमें लिखा ‘मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। 
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ईश्वर से मैं प्रार्थना कर रहा हूं कि अगर दोबारा जीवन मिले तो मेरा जीवन एक्सेप्ट करें, गुडबाय’। इसके बाद पंखे से चादर का फंदा कसकर फांसी लगा ली। गोमतीनगर स्थित ससुराल में रह रही स्वाति ने रविवार सुबह सात बजे मोबाइल फोन चेक किया। 

छोटे भाई का मैसेज पढ़कर अनहोनी की आशंका से कांप उठी। पिता अश्वनी कुमार त्रिपाठी को कॉल की। बेटी से मोबाइल पर बात करते हुए अश्वनी अपने बेटे के कमरे की तरफ दौड़े। दरवाजे को धक्का दिया। कमरे में देवेश का शव फंदे से लटका था। 

बेटे की लाश देख मां हुई बेहोश

CA intern commits suicide in lucknow
खुदकुशी
अश्वनी की चीख सुनकर पत्नी सुषमा दौड़ीं। इकलौते बेटे का शव देखते ही गश खाकर गिर गईं। अश्वनी ने पुलिस को कॉल की। छितवापुर चौकी इंचार्ज इरशाद त्यागी ने बताया कि कमरे की छानबीन की गई। इस बीच अश्वनी व उनके परिवारीजनों ने कानूनी कार्रवाई से इन्कार करते हुए कहा कि बेटे ने अज्ञात कारणों के चलते खुदकुशी की है। 

सुषमा ने कहा कि रात को खाना खाने के बाद देवेश ने सिर में दर्द की बात कही थी। इस पर उसने बेटे के सिर पर ठंडा तेल लगाया और उसे सोते देख अपने कमरे में चली गई थी। इस बीच स्वाती अपने पति ललित के साथ मौके पर पहुंची। उसने भाई द्वारा भेजा मैसेज दिखाया। पोस्टमार्टम न कराने के अनुरोध पर पंचनामा के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। 

टॉपर था बेटा
सूचना विभाग में वाहन चालक के पद पर कार्यरत अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इकलौता बेटा देवेश पढ़ाई में शुरू से अव्वल था। वर्ष 2016 में सीए की परीक्षा में उसकी 55वीं रैंक आई थी। गोमतीनगर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां इंटर्नशिप कर रहा था। उन्होंने हंसमुख देवेश के किसी से विवाद से इन्कार किया।  
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