जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस की गई ब्लैकलिस्ट, जारी किया गया आदेश
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जल निगम को सरकारी परियोजनाओं में घोर लापरवाही बरतना महंगा पड़ गया है। निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को ब्लैकलिस्ट करते हुए उसे आवंटित सभी परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। उधर, जल निगम के अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि शासन के निर्णय की उन्हें जानकारी मिली है और मामले का अध्ययन कर आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं, निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल ने कहा कि निगम इस मामले में शासन के सामने अपना पक्ष रखेगा।
शासनादेश में कहा गया है कि सीएंडडीएस द्वारा प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पूर्ववर्ती नाम एमएसडीपी) के निर्माण कार्यों के कई मामलों में घोर लापरवाही बरती गई और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय अनियमितताएं भी की गई हैं। कई ऐसी परियोजनाएं है जिनमें कार्यदायी संस्था नामित होने व उभय पक्षों से अनुबंध होने के बाद प्रथम किश्त की राशि भी निर्गत कर दी गई। जबकि इसके तीन साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया।
आदेश में कहा गया है कि 11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजनाओं में 696 ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनकी दोनों किश्तों की राशि 25825.71 लाख निर्गत किए जाने पर भी कार्यदायी संस्था ने कार्य पूर्ण नहीं कराया। परियोजनाओं के निर्माण के लिए समय से राशि स्वीकृत होने के बावजूद सीएंडडीएस द्वारा लागत वृद्धि के प्रस्ताव दिए गए। इसलिए समय बढ़ने व लागत वृद्धि के कारणों के संबंध में राज्य हज समिति के सलाहकार से जांच कराई गई।
आदेश में अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजनाओं के निर्माण के लिए निर्धारित समयावधि के भीतर राशि उपलब्ध कराने के बाद भी सीएंडडीएस द्वारा लागत वृद्धि के प्रस्ताव उपलब्ध कराए गए हैं और परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि का सदुपयोग समय से न होने के कारण सीएंडडीएस द्वारा काफी राशि अपने पास रखी गई। प्रश्नगत राशि पर अर्जित ब्याज को जमा कराने के लिए कई पत्र भेजे गए, किंतु सीएंडडीएस ने किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की। चूंकि इस मामले में बहुत बड़ी शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका है। इसलिए प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्यों से सीएंडडीएस को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट किया गया।
सीएंडडीएस से वसूलेंगे लंबित कार्यों के पूरा कराने का अतिरिक्त खर्च
शासनादेश में कहा गया है कि सीएंडडीएस को आवंटित सभी परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। वहीं, यह भी कहा गया है कि निरस्त हुए लंबित परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए अन्य सक्षम कार्यदायी संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। अगर इन परियोजनाओं को पूरा करने में अतिरिक्त धनराशि खर्च होगी तो उसकी वसूली सीएंडडीएस ही कराई जाएगी।