{"_id":"658347c9e6b3def96001d1d4","slug":"business-women-award-lucknow-news-c-13-lko1012-539618-2023-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: काम बोला तो दुश्वारियों ने रास्ता छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: काम बोला तो दुश्वारियों ने रास्ता छोड़ा
Thu, 21 Dec 2023 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 21 Dec 2023 01:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। कभी पुरुषों का क्षेत्र माने जाने वाले उद्यमों में अब महिलाएं तेजी से अपनी पैठ बना रही हैं। ज्यादातर महिलाओं के लिए यह क्षेत्र आसान नहीं था लेकिन अपनी हिम्मत और लगन से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनका काम बोला तो दुश्वारियों ने भी रास्ता छोड़ दिया।
प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ऐसी ही लगनशील 20 महिला उद्यमियों को इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन की ओर से बुधवार को गोमतीनगर के एक निजी होटल में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण एवं बाट-माप मंत्री आशीष पटेल ने उद्योग को राज्य में अपनी उत्पादन इकाईयां और भंडारण सुविधाएं स्थापित करने में अधिक से अधिक निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
आईडीएसए के अध्यक्ष विवेक कटोच ने कहा कि आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि राज्य में प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग नए आयाम छूने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उद्योग ने राज्य में 17.1 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार व आजीविका के अवसर प्रदान किए हैं जिनमें 7.5 लाख से अधिक महिलाएं हैं। इस मौके पर आईडीएसए की कोषाध्यक्ष अपराजिता सरकार, अपर्णा मिश्रा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
सफलता की कहानी, महिलाओं की जुबानी
चुनौतियां स्वीकारीं, अपने काम से बनाई पहचान
बचपन से सपना था कि मेरी अपनी पहचान हो। जीवन में काफी चुनौतियां आईं। कभी थकी, कभी रुकी लेकिन जीवन में आगे बढ़ने की ललक हमेशा रही। मैं हेल्थ केयर और ब्यूटी सेक्टर से जुड़ी हूं। आज मैं उद्यम में इतनी सफल हूं कि मैंने तमाम महिलाओं को नौकरी दी है। आज यह कह सकती हूं कि मैं पूरी तरह से सक्षम हूं और मैं कभी भी शून्य से शुरुआत कर सकती हूं।
- पूनम गुप्ता, प्रयागराज
पार्टटाइम से शुरुआत, अब हूं फुलटाइम उद्यमी
मैं 26 साल की थी जब मैंने सौंदर्य प्रसाधन के क्षेत्र में अपना उद्यम शुरु किया था। पति को देखकर मेरे जीवन में व्यवसाय करने की चाह पैदा हुई। शुरुआत में मैं पार्टटाइम व्यवसाय के लिए केवल शाम को निकलती थी। जब पार्टटाइम में ही फुलटाइम जैसा पैसा आने लगा तो मैंने फुलटाइम व्यवसाय शुरू कर दिया। एक साल में ही कार खरीद ली। उद्यम में चुनौतियां बहुत हैं लेकिन इसमें नौकरी से अधिक पैसा है। पैसा देखकर पति ने भी बैंक की नौकरी छोड़ दी। आज मैं अन्य प्रदेशों की महिलाओं को भी रोजगार दे रही हूं।
आरती चौरसिया, लखनऊ
मोटे अनाज को दिया नया प्लेटफाॅर्म
मैं न्यूट्रीप्लेट कैफे चलाती हूं। मैं कहीं भी खाने-पीने की जगह जाती थी तो अनाज की शुद्धता पर सवाल करती थी। मैंने बचपन से ही सोच रखा था कि हेल्थ पर कुछ तो काम होना चाहिए। बाजार में दुकानदार बिना ग्राहक की चिंता किए कुछ भी मिला देता है इसलिए हमने पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज पर आधारित चीजों की बिक्री शुरु की। आज हमारी टीम में 15 लोग हैं। चुनौतियां जरूर आईं लेकिन सफलता भी मिली।
- शालू तिवारी, लखनऊ
विज्ञापन
प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ऐसी ही लगनशील 20 महिला उद्यमियों को इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन की ओर से बुधवार को गोमतीनगर के एक निजी होटल में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण एवं बाट-माप मंत्री आशीष पटेल ने उद्योग को राज्य में अपनी उत्पादन इकाईयां और भंडारण सुविधाएं स्थापित करने में अधिक से अधिक निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
विज्ञापन
आईडीएसए के अध्यक्ष विवेक कटोच ने कहा कि आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि राज्य में प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग नए आयाम छूने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उद्योग ने राज्य में 17.1 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार व आजीविका के अवसर प्रदान किए हैं जिनमें 7.5 लाख से अधिक महिलाएं हैं। इस मौके पर आईडीएसए की कोषाध्यक्ष अपराजिता सरकार, अपर्णा मिश्रा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
सफलता की कहानी, महिलाओं की जुबानी
चुनौतियां स्वीकारीं, अपने काम से बनाई पहचान
बचपन से सपना था कि मेरी अपनी पहचान हो। जीवन में काफी चुनौतियां आईं। कभी थकी, कभी रुकी लेकिन जीवन में आगे बढ़ने की ललक हमेशा रही। मैं हेल्थ केयर और ब्यूटी सेक्टर से जुड़ी हूं। आज मैं उद्यम में इतनी सफल हूं कि मैंने तमाम महिलाओं को नौकरी दी है। आज यह कह सकती हूं कि मैं पूरी तरह से सक्षम हूं और मैं कभी भी शून्य से शुरुआत कर सकती हूं।
- पूनम गुप्ता, प्रयागराज
पार्टटाइम से शुरुआत, अब हूं फुलटाइम उद्यमी
मैं 26 साल की थी जब मैंने सौंदर्य प्रसाधन के क्षेत्र में अपना उद्यम शुरु किया था। पति को देखकर मेरे जीवन में व्यवसाय करने की चाह पैदा हुई। शुरुआत में मैं पार्टटाइम व्यवसाय के लिए केवल शाम को निकलती थी। जब पार्टटाइम में ही फुलटाइम जैसा पैसा आने लगा तो मैंने फुलटाइम व्यवसाय शुरू कर दिया। एक साल में ही कार खरीद ली। उद्यम में चुनौतियां बहुत हैं लेकिन इसमें नौकरी से अधिक पैसा है। पैसा देखकर पति ने भी बैंक की नौकरी छोड़ दी। आज मैं अन्य प्रदेशों की महिलाओं को भी रोजगार दे रही हूं।
आरती चौरसिया, लखनऊ
मोटे अनाज को दिया नया प्लेटफाॅर्म
मैं न्यूट्रीप्लेट कैफे चलाती हूं। मैं कहीं भी खाने-पीने की जगह जाती थी तो अनाज की शुद्धता पर सवाल करती थी। मैंने बचपन से ही सोच रखा था कि हेल्थ पर कुछ तो काम होना चाहिए। बाजार में दुकानदार बिना ग्राहक की चिंता किए कुछ भी मिला देता है इसलिए हमने पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज पर आधारित चीजों की बिक्री शुरु की। आज हमारी टीम में 15 लोग हैं। चुनौतियां जरूर आईं लेकिन सफलता भी मिली।
- शालू तिवारी, लखनऊ