आपदा से निपटने में नाकाम रही देश व प्रदेश की नौकरशाही : शिवपाल सिंह यादव
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प्रसपा (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार को कहा है कि देश व प्रदेश की नौकरशाही ने कोरोना आपदा से निबटने के लिए जो कदम उठाए, वे अक्षम व अपर्याप्त रहे। बेहतर होता कि जनप्रतिनिधियों व नौकरशाही के समन्वय पर जोर दिया जाता।
जनप्रतिनिधियों के अनुभव का लाभ उठाते तो मजदूर, कामगारों व अन्नदाताओं को इतना परेशान नहीं होना पड़ता। संकट के समय तो ऐसा लगा, मानों जनप्रतिनिधियों को ही क्वारंटीन कर दिया गया है।
शिवपाल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि कोरोना संकट के समय जनप्रतिनिधियों के सभी वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए। यदि विधायकों व सांसदों को संकट काल में उनकी निधि के एक हिस्से के इस्तेमाल का अवसर दिया जाता तो परेशान लोगों तक मदद की पहुंच ज्यादा व्यापक हो सकती थी।
अब पूरे संकट के समय मंत्री व विधायक कहीं दिखाई नहीं पड़े। अप्रवासी श्रमिकों के सामने आजीविका का संकट है। उनके गांवों में ही रोजगार सृजन करने, मनरेगा के कार्यदिवस व दैनिक भत्ता बढ़ाने की जरूरत है।
अखिलेश के नेतृत्व में नए विकल्प का संकेत
शिवपाल ने विधानसभा सदस्यता खत्म करने के लिए दी गई याचिका वापस लेने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताते हुए उन्हें पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है, निश्चय ही यह मात्र एक राजनीतिक घटना नहीं है।
आपके इस तरह के स्पष्ट, सार्थक व सकारात्मक हस्तक्षेप से राजनीति में आपके नेतृत्व में नए राजनीतिक विकल्प व नवाक्षर का जन्म होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने समाजवादी धारा के सभी लोगों के एक मंच पर आने की आकांक्षा जताई।