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Lucknow News: बड़े गृहकर बकायेदारों की इमारतें होंगी नीलाम
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लखनऊ। नगर निगम अब शहर के उन बड़े बकायेदारों (कॉमर्शियल ) की इमारतें नीलाम करेगा, जो सीलिंग और कुर्की के बाद भी बकाया गृहकर नहीं जमा कर रहे हैं। इसके लिए आठों जोन में दस बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
बकाया गृहकर की वसूली के लिए नगर निगम सीलिंग और बैंक खाता सीज करने की ही कार्रवाई करता है। अब पहली बार नीलामी की जाएगी। यह कार्रवाई उन बकायदारों के खिलाफ होगी, जो कई बार बिल भेजने, चेतावनी नोटिस जारी करने के अलावा कुर्की और सीलिंग के नोटिस के बाद भी गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं।
जानकारों ने बताया कि कई बड़े बकायेदार सीलिंग के बाद भी गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे ज्यादातर मामले पुरानी इमारतों के हैं, जो बंद पड़ी हैं। वे पुरानी इमारतें भी इनमें शामिल हैं, जिनमें किराये पर सरकारी ऑफिस या निजी किरायेदार वर्षों से काबिज हैं। ये लोग नाममात्र का किराया देते हैं और गृहकर भी नहीं जमा कर रहे हैं। इनके भवनस्वामी भी किराया जमा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इन्हें किराया ही बेहद मामूली मिलता है।
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दो लाख ने नहीं जमा किया गृहकर
शहर में करीब आठ लाख भवनस्वामी हैं। अभी तक करीब दो लाख भवनस्वामियों ने बकाया गृहकर जमा नहीं किया है। उधर, चालू वित्तीय वर्ष पूरा होने में 60 दिन ही बचे हैं। नगर निगम ने एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक करीब 750 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा है। अब तक 400 करोड़ रुपये ही गृहकर वसूला जा सका है। ऐसे में दो महीने में 350 करोड़ रुपये वसूलने हैं।
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कोट
कई बड़े बकायेदार सारी विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं। अब इनकी इमारतों को नीलाम किया जाएगा। सभी जोनों में ऐसे दस बड़े बकायेदार चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। कार्रवाई कॉमर्शियल भवनों पर होगी।
- गौरव कुमार, नगर आयुक्त
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बकाया गृहकर की वसूली के लिए नगर निगम सीलिंग और बैंक खाता सीज करने की ही कार्रवाई करता है। अब पहली बार नीलामी की जाएगी। यह कार्रवाई उन बकायदारों के खिलाफ होगी, जो कई बार बिल भेजने, चेतावनी नोटिस जारी करने के अलावा कुर्की और सीलिंग के नोटिस के बाद भी गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं।
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जानकारों ने बताया कि कई बड़े बकायेदार सीलिंग के बाद भी गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे ज्यादातर मामले पुरानी इमारतों के हैं, जो बंद पड़ी हैं। वे पुरानी इमारतें भी इनमें शामिल हैं, जिनमें किराये पर सरकारी ऑफिस या निजी किरायेदार वर्षों से काबिज हैं। ये लोग नाममात्र का किराया देते हैं और गृहकर भी नहीं जमा कर रहे हैं। इनके भवनस्वामी भी किराया जमा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इन्हें किराया ही बेहद मामूली मिलता है।
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दो लाख ने नहीं जमा किया गृहकर
शहर में करीब आठ लाख भवनस्वामी हैं। अभी तक करीब दो लाख भवनस्वामियों ने बकाया गृहकर जमा नहीं किया है। उधर, चालू वित्तीय वर्ष पूरा होने में 60 दिन ही बचे हैं। नगर निगम ने एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक करीब 750 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा है। अब तक 400 करोड़ रुपये ही गृहकर वसूला जा सका है। ऐसे में दो महीने में 350 करोड़ रुपये वसूलने हैं।
कोट
कई बड़े बकायेदार सारी विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं। अब इनकी इमारतों को नीलाम किया जाएगा। सभी जोनों में ऐसे दस बड़े बकायेदार चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। कार्रवाई कॉमर्शियल भवनों पर होगी।
- गौरव कुमार, नगर आयुक्त