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नगर निगम में घपलेबाजी रोकने को अब विभाग स्तर पर बजट आवंटन व्यवस्था समाप्त
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नगर निगम में बजट आवंटन की प्रक्रिया बदली।
- फोटो : ??? ?????
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घपलेबाजी रोकने के लिए नगर निगम में विभाग स्तर पर सभी तरह के कार्यों के लिए बजट आवंटन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत मुख्यालय स्थित लेखा विभाग के ओएसडी ही सभी तरह के कार्यों के लिए बजट आवंटित करेंगे। इसे लेकर नगर आयुक्त ने आदेश भी जारी कर दिया है।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी द्वारा जारी आदेश के तहत, समस्त विभागों (अभियंत्रण, स्वास्थ्य, मार्ग प्रकाश, कैटिल कैचिंग, उद्यान, स्वचछ भारत मिशन समेत सभी विभाग) से कराए जाने वाले सभी मदों के विकास कार्य के लिए बजट आवंटन का अधिकार विशेष कार्याधिकारी लेखा अभियमन्यु सिंह को दिया गया है।
अभी तक यह काम सभी विभागों में अलग-अलग और जोनल स्तर पर होता है। इसी तरह सभी विभागों में कार्यदायी संस्थाओं के जरिए कार्यरत करीब दस हजार कर्मचारियों पर खर्च होने के लिए बजट का आवंटन भी लेखा विभाग के ओएसडी ही करेंगे।
दूसरे मद में खर्च कर दिया जाता है बजट
सदन से पास होने के बाद कार्यों के आधार पर बजट जारी करने का अधिकारी अभी तक सभी विभागों के पास अलग-अलग और जोनल स्तर पर था। इसे लेकर सवाल उठ रहे थे कि विभाग खर्च की सही रिपोर्ट नहीं देते और कई बार एक मद का बजट दूसरे मद में खर्च कर देते हैं। इससे वित्तीय अनियमितता का मामला बनता है। बजट खर्च की मदवार सही रिपोर्ट भी विभागों से समय पर नहीं मिल पाती। इससे कार्यकारिणी और सदन में प्रशासन किरकिरी होती है।
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चार महीने पहले छिना था काम
करीब सालभर पहले ओएसडी लेखा को अभियंत्रण विभाग के बजट आवंटन का काम दिया गया था। करीब चार महीने पहले उनसे यह काम छीन लिया गया था और वापस अभियंत्रण विभाग को दे दिया गया था। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। अब ताजा आदेश के बाद निगम में सभी ओएसडी द्वारा बड़ा जुगाड़ लगाए जाने का अनुमान लगा रहे हैं।
व्यवस्था में किया गया बदलाव
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि नई व्यवस्था से किस विभाग ने कितना बजट खर्च किया इसकी पूरी रिपोर्ट एक जगह से आसानी से मिल जाएगी। विभाग स्तर पर बजट सील का काम अलग-अलग होने से कई बार खर्च की सही रिपोर्ट नहीं मिल पाती थी। इससे कार्यकारिणी या सदन में सही रिपोर्ट नहीं पेश होती थी। इसे लेकर ही व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
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नई व्यवस्था के तहत मुख्यालय स्थित लेखा विभाग के ओएसडी ही सभी तरह के कार्यों के लिए बजट आवंटित करेंगे। इसे लेकर नगर आयुक्त ने आदेश भी जारी कर दिया है।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी द्वारा जारी आदेश के तहत, समस्त विभागों (अभियंत्रण, स्वास्थ्य, मार्ग प्रकाश, कैटिल कैचिंग, उद्यान, स्वचछ भारत मिशन समेत सभी विभाग) से कराए जाने वाले सभी मदों के विकास कार्य के लिए बजट आवंटन का अधिकार विशेष कार्याधिकारी लेखा अभियमन्यु सिंह को दिया गया है।
अभी तक यह काम सभी विभागों में अलग-अलग और जोनल स्तर पर होता है। इसी तरह सभी विभागों में कार्यदायी संस्थाओं के जरिए कार्यरत करीब दस हजार कर्मचारियों पर खर्च होने के लिए बजट का आवंटन भी लेखा विभाग के ओएसडी ही करेंगे।
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दूसरे मद में खर्च कर दिया जाता है बजट
सदन से पास होने के बाद कार्यों के आधार पर बजट जारी करने का अधिकारी अभी तक सभी विभागों के पास अलग-अलग और जोनल स्तर पर था। इसे लेकर सवाल उठ रहे थे कि विभाग खर्च की सही रिपोर्ट नहीं देते और कई बार एक मद का बजट दूसरे मद में खर्च कर देते हैं। इससे वित्तीय अनियमितता का मामला बनता है। बजट खर्च की मदवार सही रिपोर्ट भी विभागों से समय पर नहीं मिल पाती। इससे कार्यकारिणी और सदन में प्रशासन किरकिरी होती है।
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चार महीने पहले छिना था काम
करीब सालभर पहले ओएसडी लेखा को अभियंत्रण विभाग के बजट आवंटन का काम दिया गया था। करीब चार महीने पहले उनसे यह काम छीन लिया गया था और वापस अभियंत्रण विभाग को दे दिया गया था। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। अब ताजा आदेश के बाद निगम में सभी ओएसडी द्वारा बड़ा जुगाड़ लगाए जाने का अनुमान लगा रहे हैं।
व्यवस्था में किया गया बदलाव
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि नई व्यवस्था से किस विभाग ने कितना बजट खर्च किया इसकी पूरी रिपोर्ट एक जगह से आसानी से मिल जाएगी। विभाग स्तर पर बजट सील का काम अलग-अलग होने से कई बार खर्च की सही रिपोर्ट नहीं मिल पाती थी। इससे कार्यकारिणी या सदन में सही रिपोर्ट नहीं पेश होती थी। इसे लेकर ही व्यवस्था में बदलाव किया गया है।