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Lucknow News: बीटेक छात्रा की सड़क हादसे में मौत, पिता ने दोस्तों पर आरोप लगाए
Mon, 26 May 2025 01:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 26 May 2025 01:58 AM IST
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बीटेक छात्रा की सड़क हादसे में मौत, पिता ने दोस्तों पर आरोप लगाए
लखनऊ। विभूतिखंड क्षेत्र में 23 मई को हुए सड़क हादसे में घायल बीटेक छात्रा अंजलि रवि (21) की शनिवार को ट्राॅमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मूल रूप से बिहार के सिवान जिले की रहने वाली अंजलि लखनऊ की बीबीडी यूनिवर्सिटी में बीटेक सेकंड ईयर की छात्रा थीं। वह यूनिवर्सिटी के पास अपनी सहेली के साथ हॉस्टल में रहती थीं।
अंजलि के पिता रवि का आरोप है कि हादसे के बाद बेटी के मोबाइल से कॉल डिटेल्स डिलीट कर दी गई हैं और उसके दोनों दोस्त जानकारी छिपा रहे हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ करे तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
पिता के मुताबिक, 23 मई की रात दो बजे अंजलि की सहेली ने फोन कर हादसे की सूचना दी। बताया गया कि अंजलि एक दोस्त के साथ बाइक से बाहर गई थी। समिट बिल्डिंग के पास तेज रफ्तार में बाइक डिवाइडर से टकरा गई। उन्हें लोहिया अस्पताल लाया गया, वहां से अंजलि को ट्राॅमा रेफर किया गया।
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इलाज में लापरवाही का आरोप
रवि ने बताया कि ट्राॅमा पहुंचने पर एक दलाल ने उन्हें यह कहकर महानगर स्थित निजी अस्पताल भेज दिया कि ट्राॅमा में इलाज संभव नहीं है। वहां 80 हजार रुपये जमा कराए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में अंजलि को दोबारा ट्राॅमा लाया गया, वहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
दोस्तों पर संदिग्ध व्यवहार का आरोप
पिता का आरोप है कि हादसे के वक्त साथ रहे युवक ने अब तक संपर्क नहीं किया है और उसका फोन भी बंद है। उन्हें शक है कि उसके दोस्तों ने बेटी के मोबाइल से कुछ अहम जानकारी हटाई है। इंस्पेक्टर विभूतिखंड सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक घटना की तहरीर नहीं मिली है।
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अंजलि के पिता रवि का आरोप है कि हादसे के बाद बेटी के मोबाइल से कॉल डिटेल्स डिलीट कर दी गई हैं और उसके दोनों दोस्त जानकारी छिपा रहे हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ करे तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
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पिता के मुताबिक, 23 मई की रात दो बजे अंजलि की सहेली ने फोन कर हादसे की सूचना दी। बताया गया कि अंजलि एक दोस्त के साथ बाइक से बाहर गई थी। समिट बिल्डिंग के पास तेज रफ्तार में बाइक डिवाइडर से टकरा गई। उन्हें लोहिया अस्पताल लाया गया, वहां से अंजलि को ट्राॅमा रेफर किया गया।
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इलाज में लापरवाही का आरोप
रवि ने बताया कि ट्राॅमा पहुंचने पर एक दलाल ने उन्हें यह कहकर महानगर स्थित निजी अस्पताल भेज दिया कि ट्राॅमा में इलाज संभव नहीं है। वहां 80 हजार रुपये जमा कराए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में अंजलि को दोबारा ट्राॅमा लाया गया, वहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
दोस्तों पर संदिग्ध व्यवहार का आरोप
पिता का आरोप है कि हादसे के वक्त साथ रहे युवक ने अब तक संपर्क नहीं किया है और उसका फोन भी बंद है। उन्हें शक है कि उसके दोस्तों ने बेटी के मोबाइल से कुछ अहम जानकारी हटाई है। इंस्पेक्टर विभूतिखंड सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक घटना की तहरीर नहीं मिली है।