महंगी होगी बीटीसी की पढ़ाई, बढ़ाई जाएगी परीक्षा फीस
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बीटीसी करने वाले छात्र-छात्राओं को अब अधिक परीक्षा शुल्क देना होगा। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। सचिव ने इसे 250 से बढ़ाकर 600 रुपये करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन शासन में इसे केवल 400 रुपये करने की तैयारी है।
इस संबंध में जल्द निर्णय करते हुए शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश में बीटीसी कोर्स सरकारी व निजी कॉलेजों में चलता है। सरकारी सीटें 10,450 और निजी कॉलेजों में 31,050 सीटें हैं।
दो वर्षीय बीटीसी कोर्स की प्रत्येक छह माह पर सेमेस्टरवार परीक्षाएं होती हैं। परीक्षा के लिए स्टेशनरी की छपाई का खर्च तो काफी बढ़ गया है, लेकिन परीक्षा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई।
इसलिए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने शासन को प्रस्ताव भेजा था कि परीक्षा शुल्क 250 से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया जाए।
शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक में परीक्षा शुल्क 600 के स्थान पर 400 रुपये करने पर विचार किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी से अनुमति लेकर जल्द आदेश जारी करने की तैयारी है।
डायटों में सालाना फीस बढ़ाने पर भी होगा विचार
बीटीसी कोर्स प्रदेश में डायटों और निजी कॉलेजों में चलाया जा रहा है। निजी कॉलेजों में बीटीसी फीस सालाना 41,000 है जबकि डायटों में यह मात्र 4600 रुपये ही है।
शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है कि डायटों की फीस भी बढ़ा दी जाए। इस संबंध में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से जल्द ही प्रस्ताव मांगने की तैयारी है।
वहीं, एक अच्छी खबर यह है कि प्राइमरी स्कूलों में चल रही 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में पात्रों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया 19 जनवरी से शुरू कर दी जाएगी। नियुक्ति पत्र लेने वालों को 27 जनवरी तक हर हाल में जॉइन करना होगा।
इसके बाद बचे पात्रों को रिक्त पदों के आधार पर 29 जनवरी को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इन्हें एक सप्ताह के अंदर स्कूलों में जॉइन करना होगा।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में मंगलवार को हुई 35 जिलों के डायट प्राचार्यों व बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक में सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने यह निर्देश दिया।