BTC: बदला कोर्स, पढ़ाई के साथ 'मस्ती की पाठशाला' भी
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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने दो वर्षीय बीटीसी पाठ्यक्रम में बदलाव किया है।
नए पाठ्यक्रम को और रुचिकर बनाने के लिए इसमें कला, संगीत, शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य और कंप्यूटर जैसे विषयों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को प्रत्येक सेमेस्टर में इसमें से किसी एक विषय का चयन करना होगा।
इन विषयों की केवल लिखित परीक्षा होगी और प्रयोगात्मक परीक्षा से छूट रहेगी। दो वर्षीय प्रशिक्षण को पहले की तरह चार सेमेस्टरों में ही रखा गया है।
एससीईआरटी ने नए पाठ्यक्रम को लागू कर दिया है। इस साल शुरू हुए प्रशिक्षण में प्रशिक्षार्थियों को इसके आधार पर ही ट्रेनिंग दी जा रही है।
इसलिए बदला गया पाठ्यक्रम
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता बीटीसी है। सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य का माहौल बदलना चाहती है।
जिसके लिए वह इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सामाजिक जानकारियों के साथ खेल, कला, संगीत, शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में भी शिक्षा देना चाहती है।
यह तभी संभव है जब शिक्षकों को इसकी जानकारी होगी। इसलिए बीटीसी कोर्स का पाठ्यक्रम ही बदला गया है।
बीटीसी करने वालों को गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, विश्व पर्यावरण दिवस, शिक्षक दिवस व मानवाधिकार दिवस की जानकारियां भी दी जाएंगी। खेल, साहित्यिक, सांस्कृतिक, कलात्मक प्रतियोगिताओं के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परिवेश को ध्यान में रखकर तैयार हुआ है पाठ्यक्रम
नया पाठ्यक्रम मौजूदा परिवेश को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान यह जानकारियां दी जाएंगी कि शिक्षक बनने के बाद वे बच्चों को कैसे सरल भाषा में पढ़ाएं, जिससे परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बन सके।
बीटीसी छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान प्रयोगात्मक कार्य भी कराए जाएंगे, ताकि जिस विषय को उन्हें पढ़ाया गया है प्रयोगात्मक कार्य के दौरान वे आसानी से समझ सकें।