बसपा का राष्ट्रीय अधिवेशन कल, मायावती को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव को सकता है पास
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मोदी विरोधी मोर्चे में अहम रोल निभा रहीं बसपा सुप्रीमो मायावती शनिवार को यहां लोकसभा चुनाव-2019 को लेकर पार्टी की रणनीति का संकेत देंगी। इसके मद्देनजर 26 मई को होने वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कई अहम फैसले होने की भी संभावना है। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मायावती को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने का प्रस्ताव भी पास हो सकता है।
दरअसल, बसपा सुप्रीमो पार्टी की पूर्व घोषित नीति से हटकर सांप्रदायिक दलों को सत्ता से बाहर रखने की मुहिम के तहत समाजवादी पार्टी से गठबंधन का पहले ही एलान कर चुकी हैं। उन्होंने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा का समर्थन किया और सपा की मदद से विधान परिषद में पार्टी का एक प्रत्याशी जितवाया।
हालांकि कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर उन्होंने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। इसके अलावा बसपा हरियाणा में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी हैं। कर्नाटक में जद-एस से गठबंधन कर विधानसभा चुनाव लड़ने और भाजपा को सत्ता से बाहर करने में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
सपा के साथ ही कांग्रेस व रालोद से भी गठबंधन का होगा फैसला
तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच दिल्ली से लखनऊ लौटी मायावती ने 26 मई को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन और राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है।
इसमें पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य जोन इंचार्ज, जोन इंचार्ज, राज्यसभा सदस्य, सभी पूर्व और वर्तमान विधायक, विधान परिषद सदस्य, मंडल व जोन इंचार्ज, जिलाध्यक्ष तथा बहुजन वालंटियर फोर्स जैसे सभी संगठनों के जिम्मेदार लोग बुलाए गए हैं।
यह अधिवेशन बसपा के प्रदेश कार्यालय पर 11 बजे से शुरू होगा और इसमें मायावती आगामी लोकसभा चुनाव व पार्टी की आगामी गतिविधियों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश देंगी। साथ ही सपा के साथ कांग्रेस व रालोद भी गठबंधन का हिस्सा होंगे या नहीं, इसके भी संकेत देंगी।
दूसरे राज्यों के दलों से हाथ मिलाने पर हो सकता है फैसला
दूसरे राज्यों में पार्टी किन-किन दलों से हाथ मिलाने पर विचार कर रही है, इस बारे में भी संकेत कर सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मायावती को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने का प्रस्ताव भी पास हो सकता है।