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मुलायम के बयान पर बसपा भड़की, लगाए गंभीर आरोप

Thu, 26 Nov 2015 02:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 26 Nov 2015 02:40 AM IST
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BSP reacts on Mulayam comment.

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है जिसमें उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती को दौलत की बेटी बताया था। मौर्य ने कहा है कि वास्तव में मुलायम अपनी कहानी-अपनी जुबानी कह रहे हैं।

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मौर्य ने आरोप लगाया कि 2003 में बसपा सुप्रीमो के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद मुलायम सिंह जब भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने अंबानी, सहारा परिवार और बजाज ग्रुप की तिजोरी से विधायकों की खरीद-फरोख्त की थी।
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इस काम के लिए फिल्म जगत के महानायक अमिताभ बच्चन और अमर सिंह को कई दिनों तक लखनऊ में डेरा डालना पड़ा था। उन्होंने कहा, मुलायम की राजनीति के आधार ही थैलीशाह व पूंजीपति हैं। उनके तथ्यहीन और बेबुनियाद आरोप से साबित होता है कि वह बौखला गए हैं। मानसिक संतुलन ठीक नहीं रह गया है।
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उन्होंने कहा, मायावती कई बार कह चुकी हैं कि बसपा थैलीशाहों व पूंजीपतियों के सहारे नहीं अपने कार्यकर्ताओं और उनके आर्थिक सहयोग से चलती है। ऐसे में मुलायम का बयान भद्दे मजाक के अलावा कुछ नहीं है।

मुलायम पर लगाए ये आरोप

BSP reacts on Mulayam comment.

उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने 17 पिछड़ी जातियों को सबसे बड़ा धोखा दिया है। उन्होंने यह जानकार कि किसी जाति को एससी में शामिल करने का संवैधानिक अधिकार सिर्फ संसद को है, 17 पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल कराने का बयान देना शुरू किया। वह यूपी में कई बार मुख्यमंत्री रहे। केंद्र में ताकतवर मंत्री भी रहे। पर, इन जातियों की सुध कभी नहीं ली।

वह उन्हें अंधेरे में रखकर न तो ओबीसी के लाभ दे रहे हैं और न ही वे एससी का लाभ पा रहे हैं। वे इन जातियों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। इससे ये पिछड़ी जातियां त्रिशंकु की हालत में पहुंच गई हैं।

उन्होंने कहा, मुलायम चाहते तो विधेयक लाकर इन जातियों को विशेष आरक्षण की सुविधा दे सकते थे। चाहते तो विधानसभा और लोकसभा में टिकट की दावेदारी सुनिश्चित कर सकते थे। यदि जीतने में कमजोर थे तो विधान परिषद और राज्यसभा में भेज सकते थे लेकिन इन जातियों के फायदे वाली बातें न कर उन्हें त्रिशंकु बना दिया है।

दरअसल,अन्य पिछड़ी जातियों की सही जगह बसपा है जहां जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी मिलती है।

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