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'रमजान' की आड़ लेकर खुद को बचा रही सपा: बसपा

Thu, 19 Jun 2014 05:46 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 19 Jun 2014 05:46 PM IST
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bsp raises question on up budget session time

विधानमंडल वैसे तो सरकार की नीतियों की घोषणा और कार्यक्रमों को लेकर आयोजित किया जाता है, पर इस बार इसमें रमजान का मुद्दा भी उठाया जा रहा है।

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विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा सरकार को हर मोर्चे पर फेल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बजट सत्र में चर्चा से भाग रही है।
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इसी वजह से सोची समझी योजना के तहत उसने रमजान में बजट सत्र आहूत किया है। सिद्दीकी ने कहा कि सरकार अपराधियों के सामने असहाय है।

गन्ना किसानों के भुगतान के लिए सिर्फआरसी जारी कर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है जबकि बसपा सरकार में ऐसे मिल मालिक जेल जाते थे। बकाया के साथ ब्याज का भुगतान कराया जाता था।

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जल्दी बुलाया जा सकता था सत्र

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सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि सरकार मिल मालिकों से हजारों-करोड़ का लेन-देन कर रही है जिससे कार्रवाई नहीं कर कर पा रही है।

उन्होंने सरकार पर लोहिया गांवों में सौर ऊर्जा के उपकरण की आपूर्ति में करोड़ों के घपले का आरोप लगाया। सिददीकी ने कहा कि चुनाव 16 मई को खत्म हो गए।

सरकार जनता की समस्याओं पर चर्चा चाहती तो 16 मई से 31 मई के बीच सत्र बुलाती। पर चर्चा से बचने के लिए उसने रमजान के बीच सत्र आहूत किया।

29 जून से रमजान शुरू होने पर सदस्यों को रोजा व रोजा इफ्तार की वजह से चर्चा में हिस्सेदारी मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि वह सदन में इस मुद्दे को भी उठाएंगे।

हो गई सपा को घेरने की तैयारी

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बसपा ने शुरू हो रहे बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। बसपा विधानमंडल दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य व नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बुधवार को कानून-व्यवस्था, लड़कियों से बलात्कार और हत्या, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान न होने व किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का ऐलान किया है।

बसपा नेताओं ने कहा कि हर मोर्चे पर फेल सरकार की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। बुधवार की शाम बसपा विधानमंडल दल की बैठक पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर हुई।

इसमें पार्टी नेताओं ने विधायकों से विचार-विमर्श कर सरकार को बजट सत्र में घेरने की रणनीति को अंतिम रूप दिया। बैठक से पहले दोपहर में मौर्य व सिद्दीकी ने पत्रकारों से बात में अखिलेश सरकार पर सीधा हमला बोला।

इन मुद्दों पर सपा को घेरेगी बसपा

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मौर्य ने कहा कि प्रदेश गुंडाराज की आग में जल रहा है। गुंडा, माफिया, अपराधी बेखौफ हैं, नाबालिग बहन-बेटियों की इज्ज्त लूटना, हत्या कर फांसी पर लटकाना आम बात हो गई है। 90 प्रतिशत ऐसी वारदात करने वाले एक ही जाति से होते हैं वे चाहे सामान्य लोग हों या पुलिस जवान।

ऐसे लोगों के सीधे सरकार से संबंध होते हैं। बहन-बेटियां घर से निकलने में डर रही हैं। फिरोजाबाद में दो सिपाहियों की हत्या से साफ हो गया है कि इस हुकूमत में कानून के रखवाले भी सुरक्षित नहीं हैं।

बिजली संकट से प्रदेश जूझ रहा है और गन्ना किसानों का 12 हजार करोड़ बकाया दिलाने की जगह सरकार चीनी मिल मालिकों के साथ दावत उड़ा रही है। प्रदेश में ढाई साल हो गए कोर्ट से भी मुंह की खाने के बावजूद सरकार टीईटी उत्तीर्ण युवाओं की भर्ती नहीं करा रही है।

मौर्य ने कहा कि बसपा त्राहि-त्राहि कर रही जनता की इन सभी समस्याओं पर सरकार को सदन में बेनकाब करेगी और उसकी जवाबदेही तय कराएगी। मुख्यमंत्री अपनी नाकामी छिपाने के लिए मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और अफसरों की ट्रांसफर -पोस्टिंग का नाटक कर रहे हैं। केवल मंत्रियों के विभाग बदलने से उनके पाप का खात्मा होने वाला नहीं है। उन्हें अपनी अक्षमता को स्वीकार कर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

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