माया के जन्मदिन पर बेबाक हुए बसपाई, तोड़ा कानून!
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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन समारोह में बसपाइयों ने खुलेआम अत्याधुनिक असलहों का प्रदर्शन किया। मंच से सपा सरकार को कानून-व्यवस्था का पाठ पढ़ाने वाले बसपा नेता पुलिस की मौजूदगी में जिले में लागू धारा 144 का उल्लंघन करते देखे गए। पुलिस के अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं।
शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद शायद ही किसी दल का कोई राजनीतिक कार्यक्रम ऐसा हो जिसमें असलहों का प्रदर्शन न होता है। असलहों के प्रदर्शन को स्टेटस सिंबल मान बैठे तमाम नेता इससे परहेज नहीं कर पा रहे हैं। कानून के रखवाले भी इसका सख्ती से अनुपालन नहीं करा पा रहे हैं।
गुरुवार को तिकोनिया पार्क में मनाए गया बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन समारोह में एक बार फिर ऐसा नजारा दिखा। मंच पर बसपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर हमला बोला लेकिन अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत नहीं समझी।
कोतवाल को नहीं दिखे असलहाधारी
जिले में लागू धारा 144 के बावजूद ज्यादातर बसपा नेताओं के गुर्गे अत्याधुनिक असलहों का प्रदर्शन करते रहे। पुलिस की मौजूदगी में घंटों चले असलहों के प्रदर्शन पर उसने भी किसी से पूछताछ की जुर्रत नहीं की। मजे की बात यह है कि हजारों की भीड़ जिसे देख रही थी उस पर पुलिस पर्दा डाल रही थी।
असलहों के प्रदर्शन के बारे में नगर कोतवाल आरपी शाही ने बताया कि वे खुद ड्यूटी में लगे थे। उन्हें असलहाधारी नहीं दिखे। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कर कार्रवाई करेंगे।
वहीं अकबरपुर में एक सपा नेता ने असलहों से लैस अपने साथियों के साथ एक दरोगा को चौराहे पर घेर लिया और उसे जान से मारने की धमकी दी। दहशत में आए सम्मनपुर थाने के दरोगा हरेंद्र ने एसपी पंकज से इस मामले की शिकायत की है।
हालांकि एसपी का कहना है कि शिकायत इतनी गंभीर नहीं थी कि कोई कार्रवाई तय की जा सके। बताया जा रहा है कि समाजवादी युवजन सभा (सयुस) का जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव किसी मामले की विवेचना अपने मुताबिक नहीं होने से बौखलाया हुआ है।