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बसपा को अखरा सपा का ये नया पैतरा
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
Updated Mon, 11 Nov 2013 01:21 AM IST
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सपा की सामाजिक न्याय और 17 अति पिछड़ी जातियों की अधिकार यात्रा बसपा को अखर गई है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती रविवार को पार्टी संगठन की समीक्षा बैठक में सपा पर जमकर बरसीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा एक जाति विशेष के फायदे के लिए इन जातियों को शुरू से ही उनके हक से वंचित करने की कोशिश करती रही है। यह यात्रा फिर वैसी ही कोशिश है।
उन्होंने पार्टी कोआर्डिनेटरों को अपने शासन में इस वर्ग के लिए किए काम की विस्तार से जानकारी दी और उन्हें इस वर्ग के बीच जाकर बताने और सपा की कलई खोलने का निर्देश दिया।
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मायावती ने कोआर्डिनेटरों व पार्टी नेताओं के साथ संगठन के कामकाज की समीक्षा के दौरान बूथ संगठन की सक्रियता बढ़ाने के साथ विधानसभा क्षेत्र वार सम्मेलन एक बार फिर शुरू करने का निर्देश दिया।
साथ ही सपा की रथ यात्रा को लेकर विशेष रूप से सतर्क किया। उन्होंने यात्रा को छलावा बताते हुए कहा,यह सपा की जातिवादी मानसिकता का वीभत्स रूप है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2003 से 07 के बीच जब मुलायम सरकार थी तब भी सोची समझी साजिश के तहत एक अधिसूचना के जरिये ओबीसी की एक दर्जन जातियों को एससी में शामिल कर दिया गया।
बाद में कोर्ट ने उसे असंवैधानिक घोषित कर दिया। मायावती ने कहा, उसका नतीजा यह हुआ कि ये जातियां लंबे समय तक आरक्षण के लाभ से वंचित रहीं और उस दौरान एक जाति विशेष के लोग ही फायदा लेते रहे।
बसपा अध्यक्ष ने कहा, जब 2007 में उनकी सरकार बनी तब फिर से इन जातियों को दोबारा आरक्षण का लाभ दिया गया और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ओबीसी की 16 जातियों को एससी सूची में शामिल करने का आग्रह किया।वास्तव में यह अधिकार केंद्र का है।
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लेकिन मुलायम सिंह ने इन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए यह काम किया था। वैसी ही कोशिश फिर शुरू की गई है।
उन्होंने बसपा शासनकाल में पिछड़ों के लिए उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, सुखदेव राजभर, जुगुल किशोर व मुनकाद अली उपस्थित रहे।