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मैं किसी की बुआ नहीं, सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबंधन, नहीं तो अकेले लड़ेंगे चुनाव: मायावती

Sun, 16 Sep 2018 10:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 16 Sep 2018 10:41 PM IST
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bsp chief mayawati press conference.
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही वह गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगी। वर्ना, अकेले अपने बलबूते चुनाव लड़ने का हमारा रुख कायम है।

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दिल्ली से काफी समय बाद लखनऊ लौटीं मायावती ने रविवार को अपने नए आवास पर पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर दो टूक राय जाहिर की।

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उन्होंने कहा, बसपा व विरोधी दलों की कोशिश है कि  लोकसभा व कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में वापस आने से रोका जाए। गठबंधन करके चुनाव लड़ने पर हमारा स्टैंड बिल्कुल साफ है।


बसपा किसी भी पार्टी के साथ किसी भी चुनाव में तभी कोई समझौता व गठबंधन करेगी जब उसे सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। अन्यथा बसपा अकेले ही चुनाव लड़ना बेहतर समझती है।

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मायावती ने सहारनपुर में जेल से छूटे चंद्रशेखर उर्फ रावण का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधा। कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ में, कुछ अपने बचाव में और कुछ नौजवान दिखाने के लिए जबर्दस्ती मेरे साथ कभी भाई-बहन, बुआ-भतीजे का रिश्ता बताते रहते हैं।

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मायावती ने सहारनपुर में जेल से छूटे चंद्रशेखर उर्फ रावण का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधा। कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ में, कुछ अपने बचाव में और कुछ नौजवान दिखाने के लिए जबर्दस्ती मेरे साथ कभी भाई-बहन, बुआ-भतीजे का रिश्ता बताते रहते हैं।

भाजपा भुना रही अटलजी का नाम

मायावती ने कहा, भाजपा वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीते जी कभी उनके बताए रास्ते पर नहीं चले। यदि चलते तो राजधर्म के नाम पर धार्मिक उन्माद, गोरक्षा के नाम पर हिंसा या मॉब लिंचिंग नहीं होती या फिर जनविरोधी आर्थिक नीतियां लागू न करते। जातिवादी व कट्टरवादी तत्वों को प्रश्रय न देते। कालाधन व भ्रष्टाचार खत्म करने की आड़ में नोटबंदी व जीएसटी को अपरिपक्व तरीके से लागू नहीं करते। वास्तव में ये लोग अटलजी की मृत्यु को भी राजनीतिक तौर पर भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

हमारी तरह लागू करो एससी-एसटी एक्ट

मायावती बोलीं- एससी-एसटी एक्ट को संविधान की भावना के अनुरूप लागू करने पर उसके दुरुपयोग की कोई गुंजाइश नहीं है। यदि राज्य सरकारें इस एक्ट का इस्तेमाल यूपी में बसपा शासनकाल की तरह करें तो किसी भी कीमत पर इसका दुरुपयोग नहीं हो सकता। जिस तरह भाजपा सरकार को देश के संवैधानिक नाम भारत के स्थान पर हिंदुस्तान कहने में कोई एतराज नहीं है, उसी तरह अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को दलित कहने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि दलित शब्द पर आपत्ति है तो हिंदुस्तान के बजाय केवल भारत कहने का सरकारी आदेश जारी करना चाहिए।

भ्रष्टों को विदेश भगाने में कांग्रेस-भाजपा दोनों कसूरवार

मायावती ने विजय माल्या व नीरव मोदी के बहाने भाजपा व कांग्रेस दोनों को निशाने पर लिया। कहा, इन्हें विदेश भगाने में कांग्रेस व मौजूदा भाजपा सरकार बराबर की जिम्मेदार है। भाजपा आज पेट्रोल, डीजल की महंगाई, 2014 के चुनाव में वादाखिलाफी के साथ राफेल सौदे का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही है। कहा, भाजपा ने यदि उनके खिलाफ विद्वेषपूर्ण कार्रवाई न की होती तो वह लखनऊ व दिल्ली में आलीशान मकान न बना पातीं। लोगों ने उस समय जांच के खिलाफ आक्रोश में निजी गिफ्ट देकर मेरी मदद की। फिर दोनों जगह मकान बनवा पाई। उन्होंने इसके लिए अपने समर्थकों के साथ भाजपा को भी शुक्रिया कहा। 
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